Ujjain News: धार्मिक नगरी उज्जैन में आज गुरुवार, 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष का हर्षोल्लास के साथ शुभारंभ हुआ। शक्ति, भक्ति और आस्था के इस नौ दिवसीय महापर्व की शुरुआत विश्व प्रसिद्ध माता हरसिद्धि मंदिर में विधि-विधान से घट स्थापना के साथ की गई। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप माता शैलपुत्री की विशेष पूजा-अर्चना की गई।
भोर की आरती और घट स्थापना
नवरात्रि के पावन अवसर पर मंदिर के पट तड़के 4 बजे ही खोल दिए गए थे। सुबह 8 बजे मंत्रोच्चार के बीच विधिवत घट स्थापना की गई, जिससे नौ दिवसीय अनुष्ठान का आरंभ हुआ। मंदिर के महंत रामचंद्र गिरी ने बताया कि हरसिद्धि शक्तिपीठ में प्रतिदिन प्राकृतिक ज्योत प्रज्वलित होती है और यहाँ देश के कोने-कोने से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुँचते हैं।
आकर्षण का केंद्र: 51 फीट ऊंची दीपमालाएं
हरसिद्धि मंदिर परिसर में स्थित दो विशाल 51 फीट ऊंची दीपमालाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं। इन स्तंभों पर 1000 से अधिक दीपक सजाए जाते हैं। आज शाम को इन दीपमालाओं को प्रज्वलित किया जाएगा, जिससे पूरा परिसर अलौकिक आभा से भर उठेगा। धार्मिक मान्यता है कि इन दीपों के प्रज्वलन के साक्षी बनने और मनोकामना मांगने से भक्तों की मुरादें पूरी होती हैं।
शक्तिपीठ का ऐतिहासिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह मंदिर माता सती के 51 शक्तिपीठों में से एक है, जहाँ माता की कोहनी गिरी थी। साथ ही, यह महान सम्राट विक्रमादित्य की आराध्य देवी का भी स्थान है। यह पर्व 27 मार्च तक चलेगा, जिसमें माँ के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाएगी।