गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के सशक्तीकरण के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के कार्यकाल का दूसरा बजट सोमवार को विधानसभा में प्रस्तुत किया गया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस बजट को ‘गति’ (GATI) की थीम पर आधारित कर प्रस्तुत किया, जो राज्य के बहुआयामी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस बजट में गरीबों के कल्याण, युवाओं के रोजगार, किसानों की समृद्धि और महिलाओं के सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार का लक्ष्य इन वर्गों के उत्थान के साथ ही प्रदेश की आर्थिक प्रगति को गति देना है, जिससे समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।
होली के उल्लास से पखवाड़ेभर पहले प्रस्तुत किए गए इस बजट में सरकार ने एक लाख 65 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह बजट न केवल विजन 2047 के तहत छत्तीसगढ़ को एक विकसित राज्य बनाने की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है, बल्कि इसमें दूरगामी दृष्टिकोण के साथ समावेशी विकास की परिकल्पना भी समाहित है। इसमें बुनियादी ढांचे के विकास, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे राज्य की समग्र प्रगति को नई गति मिल सके।
इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार की असीम संभावनाएं समाहित हैं, जिससे प्रदेश में आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी। औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दूरदृष्टि भी इसमें स्पष्ट रूप से झलकती है। गांव और शहरों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए नई योजनाओं को शामिल किया गया है, जिससे बुनियादी ढांचे का विस्तार हो और नागरिकों की जीवन गुणवत्ता में सुधार आए। साथ ही, बजट में समाज के लगभग हर वर्ग के उत्थान के लिए आवश्यक प्रविधान किए गए हैं, जिससे राज्य में समावेशी और संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।
राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तीकरण और उन्हें आगे बढ़ने के अधिक अवसर देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए महतारी वंदन योजना का बजट बढ़ाकर 5,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे पहले की तुलना में अधिक महिलाओं को लाभ मिल सकेगा। इस योजना के तहत राज्य की करीब 70 लाख पात्र महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। साथ ही, लखपति दीदी योजना और सखी सेंटर जैसी पहल भी महिलाओं को स्वावलंबी बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी। सरकार की इस पहल से उन महिलाओं को भी लाभ मिलेगा, जो पिछली बार आवेदन करने से वंचित रह गई थीं, जिससे राज्य में महिला सशक्तीकरण को और अधिक बल मिलेगा।
महिला सशक्तीकरण और बच्चों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने बजट में कई महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए धनराशि आवंटित की है। कामकाजी महिला छात्रावासों के निर्माण के लिए एससीए योजना के तहत 133 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बच्चों के कल्याण और संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए मिशन वात्सल्य के तहत 100 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। हाई स्कूल की छात्राओं को साइकिल वितरण के लिए 50 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के लिए 40 करोड़ रुपये और हिंसा से प्रभावित महिलाओं को चिकित्सा, कानूनी और परामर्श सहायता प्रदान करने के लिए वन स्टॉप सेंटर (सखी) के लिए 20 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देने और महिलाओं व लड़कियों को सैनिटरी उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए शुचिता योजना के तहत 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, परित्यक्त और अनाथ बच्चों की देखभाल और समर्थन के लिए पालना योजना के तहत 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे राज्य में सामाजिक सुरक्षा और कल्याण को और मजबूत किया जा सके।
प्रदेश में सड़क अवसंरचना को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने 2030 तक का रोड प्लान तैयार किया है, जिसके तहत राजधानी से जिलों और ब्लॉकों को बेहतर सड़कों से जोड़ा जाएगा। सरकार का मानना है कि अच्छी सड़कों के निर्माण से औद्योगिक उत्पादन की ढुलाई में आसानी होगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। राज्य बनने के बाद पहली बार एक वित्तीय वर्ष में नई सड़कों के निर्माण के लिए दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं के विकास हेतु मुख्यमंत्री रिंग रोड योजना को बजट में शामिल किया गया है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग के लिए लगभग 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, वहीं राज्य मार्गों और जिला मार्गों के रखरखाव के लिए ओपीआरएमसी योजना के तहत 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार ने भी राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए पिछले वर्ष में 20,000 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पक्की सड़कों के विस्तार के लिए पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत 845 करोड़ रुपये, पीएम जनमन योजना के तहत 500 करोड़ रुपये और सीएम ग्राम सड़क योजना के तहत 119 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे प्रदेश में सुगम यातायात और विकास को बल मिलेगा।