खाकी का मानवीय चेहरा: TI ने ‘देवदूत’ बन बचाई फंदे पर लटके युवक की जान, CPR देकर लौटाई सांसें

Ujjain news : उज्जैन जिले के नागदा में पुलिस का एक ऐसा मानवीय और जांबाज चेहरा सामने आया है, जिसकी चारों ओर प्रशंसा हो रही है। यहाँ एक थाना प्रभारी (टीआई) ने न केवल तत्परता दिखाई, बल्कि अपनी सूझबूझ और ट्रेनिंग के दम पर एक युवक को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया।

गश्त के दौरान मिली सूचना

घटना सोमवार रात करीब डेढ़ बजे की है। नागदा थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी अपनी टीम के साथ जनमेजय मार्ग स्थित पानी की टंकी के पास रूटीन गश्त पर थे। तभी एक पिता बदहवास हालत में उनके पास पहुंचे और रोते हुए बताया कि उनके बेटे ने घर के अंदर फांसी लगा ली है।

दरवाजा तोड़कर नीचे उतारा, फिर दिया CPR

मामले की गंभीरता को देखते हुए टीआई गवरी बिना एक पल गंवाए तुरंत मौके पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे पुलिस ने तत्काल तोड़ दिया। अंदर युवक फंदे से लटका हुआ था। परिजनों ने जब उसे बेजान हालत में देखा, तो वे उसे मृत समझकर विलाप करने लगे। लेकिन टीआई ने उम्मीद नहीं छोड़ी। उन्होंने युवक को फंदे से नीचे उतारा और तुरंत सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) देना शुरू किया।

अस्पताल से मिली छुट्टी

लगातार सीपीआर देने के कुछ ही सेकंड बाद युवक के शरीर में हलचल हुई और उसकी सांसें वापस लौट आईं। पुलिस ने तुरंत उसे वाहन से एमपी-13 अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उपचार के बाद स्पष्ट रूप से कहा कि यदि समय पर सीपीआर नहीं मिलता, तो युवक को बचाना नामुमकिन था।

अब युवक पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। इस बचाव कार्य में नगर सुरक्षा समिति के राजेश मोरवाल ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह घटना साबित करती है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था ही नहीं संभालती, बल्कि विषम परिस्थितियों में जीवन रक्षक की भूमिका भी बखूबी निभाती है।