प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ को संबोधित करते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि जब युवा आगे बढ़ते हैं, तो देश खुद-ब-खुद नई ऊँचाइयों को छूने लगता है। युवाओं की ऊर्जा से उन्हें स्वयं भी प्रेरणा और ताकत मिलती है।
पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हर युवा के भीतर ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना होनी चाहिए, क्योंकि युवाओं का सामर्थ्य ही भारत की असली ताकत बनता है।
Zen-G है भारत की नई पहचान: क्रिएटिव और साहसी पीढ़ी
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत Zen-G यानी ऐसी पीढ़ी से भरा है, जो रचनात्मक सोच रखती है और नए प्रयोग करने से डरती नहीं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जोखिम लेने से पीछे न हटें, क्योंकि सरकार उनके हर प्रयास में उनके साथ खड़ी है।
उनके मुताबिक, युवाओं पर भरोसे की वजह से ही सरकार ने नई सोच के साथ कई योजनाएं शुरू कीं, जिनसे देश में स्टार्ट-अप रिवोल्यूशन को असली रफ्तार मिली।
स्वामी विवेकानंद की जयंती पर युवाओं को प्रेरणा
पीएम मोदी ने याद दिलाया कि आज स्वामी विवेकानंद की जयंती है और उनके विचार आज भी हर युवा के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन सिखाता है कि कैसे हर कदम पर समाज और देश के हित को प्राथमिकता दी जाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र प्रथम की सोच के साथ जीवन जीने की प्रेरणा स्वामी विवेकानंद से मिलती है और यही सोच विकसित भारत की नींव बनेगी।
युवाओं की सीधी भागीदारी से तय हो रही विकास की दिशा
पीएम मोदी ने ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ को एक ऐसा मंच बताया, जहाँ देश के भविष्य की दिशा तय करने में युवाओं की सीधी भूमिका है। करोड़ों युवाओं का अपने विचार साझा करना अपने-आप में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है।
उन्होंने खुशी जताई कि बहुत कम समय में यह मंच युवाओं की आवाज़ बन गया है और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को मजबूत कर रहा है।
ऑरेंज इकॉनमी में भारत की नई उड़ान
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत ऑरेंज इकॉनमी यानी संस्कृति, कंटेंट और क्रिएटिविटी के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। बीते दशक में शुरू हुए सुधार अब ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ का रूप ले चुके हैं, जिनके केंद्र में देश की युवा शक्ति है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे संकल्प लें और देश को गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह बाहर निकालें।