Bhopal News : मध्य प्रदेश में राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड (MPSOS) के परीक्षार्थियों को निशाना बनाने वाला एक बड़ा धोखाधड़ी रैकेट सक्रिय हो गया है। साइबर ठगों का यह गिरोह खुद को बोर्ड का अधिकारी बताकर छात्रों और उनके अभिभावकों को फोन कर रहा है और फेल होने का डर दिखाकर पास कराने के बदले में मोटी रकम की मांग कर रहा है। बोर्ड ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बोर्ड को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ अज्ञात व्यक्ति परीक्षार्थियों से संपर्क साध रहे हैं। ये ठग छात्रों को बताते हैं कि वे उनकी उत्तर पुस्तिकाओं में फेल हो रहे हैं, लेकिन अगर वे एक निश्चित राशि का भुगतान करते हैं तो उन्हें पास कराया जा सकता है। इस तरह के फोन कॉल से कई छात्र और अभिभावक चिंता में पड़ गए हैं।
बोर्ड ने किया दावों का खंडन
मामले की गंभीरता को देखते हुए, राज्य ओपन स्कूल बोर्ड ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। बोर्ड ने कहा है कि जिन नामों का इस्तेमाल करके ये फोन कॉल किए जा रहे हैं, उस नाम का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बोर्ड कार्यालय में कार्यरत नहीं है। यह पूरी तरह से एक संगठित गिरोह का काम है जो बोर्ड की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश कर रहा है।
बोर्ड ने जोर देकर कहा कि पैसों के बदले किसी भी छात्र को पास कराना पूरी तरह से असंभव है। परीक्षा परिणाम केवल छात्र द्वारा उत्तर पुस्तिका में लिखे गए उत्तरों के मूल्यांकन के आधार पर ही तैयार किया जाता है और इसमें किसी भी तरह की बाहरी दखलअंदाजी संभव नहीं है।
हेल्पलाइन नंबर जारी, FIR दर्ज
छात्रों और अभिभावकों की मदद के लिए और उन्हें धोखाधड़ी से बचाने के लिए बोर्ड ने एक आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 0755-2671066 जारी किया है। बोर्ड ने अपील की है कि अगर किसी को भी इस तरह का कोई संदेहास्पद फोन कॉल आता है, तो वे तुरंत इस नंबर पर सूचना दें।
इसके अलावा, राज्य ओपन स्कूल बोर्ड ने इन साइबर ठगों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करा दी है और मामले में वैधानिक कार्यवाही शुरू हो चुकी है। बोर्ड ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे ऐसे किसी भी प्रलोभन या झांसे में न आएं और अपनी मेहनत की कमाई को ठगों से सुरक्षित रखें।