मल्हारगंज तहसील का नया भवन जो रहा लोकार्पण की बांट, अधिकारी सोये कुंभकर्णी नींद

इंदौर स्थित प्रशासनिक संकूल में दूर- दराज से आने वाले लोगों को प्रशासनिक संकुल तक आने में लंबी दूरी तय करना होती थी।  जिसके चलते प्रशासन ने हर तहसील में भवन निर्माण कर तहसीलों को उनके सीमा क्षेत्रों में ही स्थापित करने का निर्णय लिया। इसी के चलते मल्हार गंज तहसील का भवन सुपर कॉरिडोर पर बनाया गया। भवन निर्माण में करोड़ो रूपए का खर्च किया गया लेकिन जब भवन का लोकार्पण करने की बारी आई तो अब जिम्मेदार कुंभकर्णीय नींद सो रहे है। जिसके चलते भवन अब नवनिर्मित भवन अधिकारियों की नींद खुलने के बाद लोकार्पण की बांट जो रहा है।

भवन तैयार हुए हो गए 9 माह

मल्हारगंज तहसील के नए भवन का निर्माण सुपर कॉरिडोर पर जुलाई 2024 में ही पूरा हो चुका था, लेकिन 9 महीने बीत जाने के बाद भी इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है। यह भवन पूरी तरह से तैयार है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और नेताओं की लेट-लतीफी के कारण अभी तक इसे जनता के लिए खोलने की तारीख तय नहीं हो पाई है। न केवल अधिकारियों का अडिग रवैया बल्कि मंत्री, विधायक जैसे उच्चतम अधिकारियों के द्वारा भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कई बार तारीखें तय की गईं, लेकिन हर बार कोई न कोई कारण बताकर उद्घाटन को टाल दिया गया।

जनता हो रही परेशान

जनता में इस देरी को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि यह नया भवन इलाके के लोगों के लिए जरूरी सुविधाओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने वाला था। लोगों का कहना है कि इस देरी से न केवल सरकारी कार्यों में अव्यवस्था पैदा हो रही है, बल्कि जनता के साथ विश्वासघात भी हो रहा है। अब सवाल यह उठता है कि सरकार और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों के पास जनता के लिए समय नहीं है, जबकि भवन तैयार और उपलब्ध है। इस देरी से प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास कमजोर हो रहा है, और यह उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही किसी ठोस कदम के साथ स्थिति का समाधान किया जाएगा। आगामी दिनों में अधिकारियों की लापरवाही पर कई सवाल उठ सकते हैं, जो कि जनता और नेताओं के बीच रिश्तों को और भी खटास में डाल सकते हैं।