नववर्ष के उगते सूर्य को, नौ नदियों के अमृत से किया अर्घ्य अर्पित

संस्था सार्थक ने परंपराओं और संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को नई दिशा देते हुए को एक भव्य आयोजन किया। मां अहिल्या की नगरी इंदौर में आयोजित इस कार्यक्रम में पारंपरिक लोक नृत्य, वैदिक मंत्रोच्चार और शंख ध्वनि के साथ गुड़ी पड़वा का स्वागत किया गया। इस अनूठे आयोजन में भगवान सूर्यदेव को पवित्र 9 नदियों के जल से अर्घ्य अर्पित कर नवधा भक्ति का सार्थक रूप प्रस्तुत किया गया।

सनातन संस्कृति को जागृत करता आयोजन

नववर्ष की सुबह बड़ा गणपति चौराहे पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस महापर्व में हिंदू नववर्ष के उल्लास और भारतीय सनातन संस्कृति की महत्ता को विशेष रूप से उजागर किया गया। भाजपा के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “सनातन संस्कृति और संस्कारों के ऐसे आयोजन समाज में जागृति लाने में सहायक होते हैं। यह उत्सव न केवल हमारी सामाजिक जिम्मेदारियों को प्रकट करता है, बल्कि हमें हमारे इतिहास और संस्कृति से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करता है।

संस्कार और परंपरा का सम्मान

कार्यक्रम के आयोजक, भाजपा प्रदेश के सह-मीडिया प्रभारी और पूर्व पार्षद दीपक जैन ‘टीनू’ ने बताया कि इंदौर हमेशा से संस्कार और परंपरा का सम्मान करने वाली भूमि रही है। इस अवसर पर मां अहिल्या की 300वीं जयंती का भी गौरवमयी उत्सव मनाया गया, जिसमें सामाजिक और रचनात्मक क्षेत्र में कार्य कर रही बहनों को ‘अहिल्या सम्मान’ से नवाजा गया। उन्होंने आगे कहा कि यह आयोजन 10वीं बार किया गया है, जो सनातन संस्कृति के प्रसार और समाज में जागरूकता लाने के लिए निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।


पारंपरिक लोकगीत एवं लोकनृत्य की प्रस्तुतियां 

नववर्ष के इस कार्यक्रम में सामूहिक सूर्य अर्घ्य, पारंपरिक लोकगीत एवं लोकनृत्य, और मातृशक्ति द्वारा शस्त्र कला का भी प्रदर्शन किया गया, ताकि युवा पीढ़ी को हमारे पौराणिक और शास्त्रीय परंपराओं से परिचित कराया जा सके। वैदिक मंत्रोच्चारण और शंख ध्वनि के साथ सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हुए क्षेत्र को धर्म और परंपरा के सार्थक संस्कारों का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम संयोजक अंकित रावल और गौरव नाहर ने बताया कि नवरात्रि के पहले दिन कन्या पाद पूजन और समाज सेवा में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना दमयंती मिरदवाल ने अपने समूह के साथ सूर्य आराधना, मां अहिल्या और देवी के नौ स्वरूपों पर शानदार प्रस्तुति दी।

वसुधैव कुटुंबकम’ के पवित्र उद्देश्य

संस्था के अध्यक्ष नितेश मुछाल और सचिव विवेक जैन ने कहा कि यह आयोजन ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के पवित्र उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा भगवा साफा बांधकर अपनी सनातनी पहचान को गर्व से प्रस्तुत करते नजर आए। पूरे बड़ा गणपति चौराहे को भगवा पताकाओं से सजाया गया और गुड़, धनिया, नीम मिश्री और श्रीखंड प्रसाद का वितरण किया गया।
इस मौके पर महामंडलेश्वर डॉ. चेतन स्वरूप जी महाराज, श्रीराम गोपाल दास जी महाराज, राधे राधे बाबा, श्री अन्ना महाराज, पवनानन्द जी महाराज, और अन्य संत महात्माओं के साथ साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।