भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्र में स्थिति तेजी से सामान्य होती जा रही है। आज ओपीडी के 88 मरीजों में से मात्र 03 मरीज डायरिया के आए है, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया, किसी भी मरीज को रेफर नहीं किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि भागीरयपुरा प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार सर्वे और जाँच का कार्य किया जा रहा है। अब तक 35421 घरों का सर्वे किया जा चुका है, जिसमें 164942 स्क्रीनिंग की गई है। क्षेत्र में 63081 ओ.आर.एस. पैकेट्स और 266400 जिंक टेबलेट्स का वितरण किया गया है। वर्तमान में अस्पतालों के वार्ड में कुल भर्ती मरीजों की संख्या 11 है, जिसमें से ICU में कुल भर्ती मरीजों की संख्या 05 है।
भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्र में 10 जनवरी 2026 से अभियान स्वास्थ्यवर्धन भी चलाया जा रहा है, जिसमें की गैर संचारी रोगों की भी जांच लगातार की जा रही हैं। सर्वे, शिविर तथा ओपीडी में सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, नर्सिंग ऑफिसर तथा चिकित्सकों द्वारा लगातार परामर्श दिया जा रहा है।
आज ‘अभियान स्वास्थ्यवर्धन’ के अंतर्गत भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्र में 23 दलों ने लार्वा सर्वे किया और 1312 घरों की जांच की और आवश्यक परामर्श और गतिविधियां की। जिसमें नागरिकों ने अपने आपको काफी सहज एवं सुरक्षित महसुस किया। दल द्वारा दिए गए परामर्श से यह भी जानकारी प्राप्त हो रही है, कि हमें किस तरह की जीवन शैली को अपनाना चाहिए, जिससे कि स्वयं, परिवार एवं समुदाय स्वस्थ रह सके।