यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मानसून का यह सीज़न पूरे देश में उतार-चढ़ाव भरा रहा है। कहीं भारी बारिश हुई तो कहीं सूखा जैसी स्थिति देखने को मिली। मानसून की तेज़ रफ्तार ने कई राज्यों में झमाझम वर्षा दी, जबकि कुछ जगहों पर इसकी धीमी चाल से केवल हल्की बौछारें ही दर्ज की गईं। हालांकि, इस दौरान नदियाँ, तालाब और बांध पानी से लबालब हो गए हैं, जिससे किसानों को राहत मिली है। दूसरी ओर, कुछ इलाकों में मूसलाधार बारिश ने बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदाएँ भी पैदा कीं। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 72 घंटों में एक और बड़ी बारिश की चेतावनी दी है।

राजस्थान में मौसम का मिजाज

राजस्थान इस बार मानसून से तरबतर नजर आ रहा है। राज्य के कई जिलों में अब तक अच्छी बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग की ताज़ा भविष्यवाणी के अनुसार, अगले 72 घंटों में मानसून यहां एक बार फिर सक्रिय होगा। प्रदेश के कई हिस्सों में जमकर बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज़ हवाएँ और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इस दौरान कुछ इलाकों में रुक-रुककर हल्की बारिश भी दर्ज हो सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में बारिश की स्थिति

राजधानी दिल्ली में इस बार अपेक्षा के अनुसार बारिश नहीं हुई। हालांकि बीते दिनों मानसून ने रफ्तार पकड़ते हुए कुछ जिलों में राहत दी। आने वाले 72 घंटों में मौसम विभाग ने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान लोगों को तेज़ हवाओं का भी सामना करना पड़ सकता है। लगातार उमस और गर्मी से जूझ रहे दिल्लीवासियों के लिए यह बारिश कुछ राहत लेकर आएगी, लेकिन भारी बारिश की संभावना फिलहाल नहीं है।

उत्तर भारत में झमाझम का अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय क्षेत्रों में तेज़ वर्षा के आसार हैं। पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में भी भारी से मध्यम बारिश हो सकती है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा बढ़ जाएगा। पर्यटकों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पूर्वोत्तर भारत में तेज़ बारिश की संभावना

उत्तर-पूर्वी राज्यों में मानसून हमेशा से सक्रिय रहता है और इस बार भी इसका असर स्पष्ट रूप से दिख रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 72 घंटों में मेघालय, मिजोरम, मणिपुर, त्रिपुरा, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश से यहां जलभराव और भूस्खलन की स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है।

पश्चिमी और मध्य भारत में झमाझम का दौर

महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात और कोंकण क्षेत्र में अगले तीन दिनों के दौरान जोरदार बारिश होने का अनुमान है। कई जगहों पर भारी बारिश के साथ-साथ कुछ इलाकों में मध्यम वर्षा भी दर्ज की जाएगी। वहीं मध्य भारत की बात करें तो मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और विदर्भ में अगले 72 घंटे तक तेज़ बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इन राज्यों में किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित होगी, हालांकि निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।

दक्षिण भारत में मानसून की नई करवट

दक्षिणी राज्यों में भी मानसून की सक्रियता बनी रहेगी। मौसम विभाग का कहना है कि तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी। कुछ स्थानों पर तेज़ हवाओं के साथ भारी वर्षा होने के भी आसार हैं। खासकर तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के तटीय जिलों में समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जिससे मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।