एमपी का यह रेलवे स्टेशन बनेगा एयरपोर्ट जैसा मॉडर्न, एंट्री से पहले हर बैग की होगी स्कैनिंग

ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर जारी पुनर्विकास कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है और स्टेशन का बदला हुआ स्वरूप साफ दिखाई देने लगा है। व्यापक निर्माण और संरचनात्मक सुधारों के बाद यह स्टेशन अब एयरपोर्ट की तर्ज पर आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुरक्षित रूप में नजर आएगा। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए स्टेशन परिसर को नए डिजाइन और उन्नत तकनीकों से सुसज्जित किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कार्य पूर्ण होते ही यात्रियों को एक अत्याधुनिक परिवहन केंद्र का अनुभव मिलेगा।

प्लेटफॉर्म पर जाने से पहले अनिवार्य होगी सघन जांच

नई सुरक्षा व्यवस्था लागू होने के बाद स्टेशन पर प्रवेश करने वाले प्रत्येक यात्री और उसके सामान की विस्तृत जांच अनिवार्य की जाएगी। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा तैयार की गई योजना के तहत स्टेशन परिसर में कुल 19 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और अत्याधुनिक लगेज स्कैनर मशीनें स्थापित की जाएंगी। कॉन्कोर्स के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट, वीआईपी प्रवेश द्वार और पार्सल कार्यालय के बाहर इन उपकरणों को लगाया जाएगा। प्लेटफॉर्म तक पहुंचने से पहले हर यात्री को इन मशीनों से होकर गुजरना होगा, जिससे किसी भी संदिग्ध वस्तु की तुरंत पहचान की जा सके और संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

स्मोक डिटेक्शन सिस्टम से लैस होगा पूरा परिसर

सुरक्षा के साथ-साथ स्वच्छ और अनुशासित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पूरे स्टेशन परिसर में अत्याधुनिक स्मोक डिटेक्शन सिस्टम लगाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति स्टेशन के अंदर धूम्रपान करता है तो तुरंत अलार्म बज उठेगा और संबंधित व्यक्ति पर जुर्माना लगाया जाएगा। यह व्यवस्था आगजनी जैसी घटनाओं की रोकथाम में भी सहायक सिद्ध होगी। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम यात्रियों को सुरक्षित माहौल देने और सार्वजनिक स्थानों पर नियमों के पालन को सख्ती से लागू करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

पार्सल ऑफिस में फिर सक्रिय होगी स्कैनिंग व्यवस्था

करीब डेढ़ वर्ष पूर्व पार्सल कार्यालय में एक लगेज स्कैनर मशीन स्थापित की गई थी, लेकिन यात्रियों द्वारा सामान की अनिवार्य स्कैनिंग न कराए जाने के कारण यह व्यवस्था प्रभावी नहीं रह सकी थी। अब रेलवे प्रशासन ने इसे दोबारा सक्रिय और अनिवार्य बनाने का निर्णय लिया है। नई योजना के तहत पार्सल बुकिंग के दौरान भी हर सामान की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाएगी, जिससे अवैध या खतरनाक वस्तुओं की ढुलाई पर रोक लगाई जा सके।

मैन्युअल जांच से हाईटेक स्क्रीनिंग की ओर कदम

अब तक स्टेशन पर सामान की जांच मुख्य रूप से मैन्युअल तरीके से की जाती थी, क्योंकि लगेज स्कैनर जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। नई प्रणाली लागू होने के बाद हर बैग और पैकेट की इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीनिंग की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि बढ़ती यात्री संख्या और बदलती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए यह कदम बेहद जरूरी हो गया था। आरपीएफ के टीआई मनोज शर्मा के अनुसार, स्टेशन परिसर में प्रवेश करने वाले सभी यात्रियों की सख्ती से जांच की जाएगी, जिससे धूम्रपान, अवांछित गतिविधियों और अन्य घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।

इन व्यवस्थाओं के लागू होने के बाद ग्वालियर रेलवे स्टेशन न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, बल्कि सुरक्षा मानकों के मामले में भी नई मिसाल कायम करेगा।