‘डोरेमोन’ की आवाज बनकर इस वॉइस आर्टिस्ट ने बच्चों से लेकर बड़ों तक का दिल जीता, जानिए कौन है वो कलाकार?

भारतीय दर्शकों के लिए कार्टून शो ‘डोरेमोन’ और ‘शिनचैन’ केवल किरदार नहीं, बल्कि बचपन की यादें हैं। इन प्यारे पात्रों के पीछे की जादुई आवाज हैं सोनल कौशल, जिन्होंने अपनी अद्भुत आवाज़ से हर उम्र के दर्शकों का दिल जीता है।

सोनल कौशल को भले ही दर्शक चेहरों से न पहचानते हों, लेकिन उनकी आवाज़ देश के करोड़ों दर्शकों के लिए परिचित है। वे 34 वर्ष की हैं और पिछले दो दशकों से लगातार कई एनीमेटेड शोज़ को अपना स्वर दे रही हैं।
13 साल की उम्र में शुरू हुआ सफर
सोनल ने ‘डोरेमोन’ में किरदार को आवाज देना तब शुरू किया जब उनकी उम्र मात्र 13 साल थी। उस वक्त वे स्कूल में पढ़ाई कर रही थीं। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने स्टूडियो में घंटों रिहर्सल की, लेकिन स्कूल में इस बात को गुप्त रखा ताकि बाकी छात्रों का ध्यान उन पर न जाए।

लेकिन यह राज ज्यादा दिनों तक नहीं छिप सका। एक दिन उनके पिता जब स्कूल लेने पहुंचे तो साथियों को उनकी पहचान मिल गई और अगले दिन प्रिंसिपल ने पूरे स्कूल असेंबली में इसकी घोषणा कर दी। सोनल के सहपाठी उस समय यह जानकर चकित रह गए थे कि वे टीवी पर सुनने वाली आवाज़ उनकी ही क्लास की छात्रा की है।
टीवी से फिल्मों और डिजिटल प्लेटफॉर्म तक
सोनल कौशल की आवाज़ केवल कार्टून शोज़ तक सीमित नहीं रही। उन्होंने कई फिल्मों और डब परियोजनाओं में भी काम किया है। उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें हिंदी डबिंग के क्षेत्र में अलग पहचान दी है।
‘डोरेमोन’ में उन्होंने मुख्य किरदार को जीवन्त बनाया, वहीं ‘शिनचैन’ जैसे शो में भी उनकी आवाज़ ने खास लोकप्रियता हासिल की। यही वजह है कि सोनल आज भारत की सबसे पहचानी जाने वाली वॉइस आर्टिस्ट्स में शुमार हैं।
डिजिटल युग में नई पहचान
सोनल आज के डिजिटल दौर में भी सक्रिय हैं। उनका YouTube चैनल ‘The Motor Mouth’ युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय है, जहां वे आवाज़ से जुड़ा कंटेंट शेयर करती हैं और वॉइस आर्टिस्ट्री के अनुभव बताती हैं।
उनकी यात्रा यह दिखाती है कि आवाज़ के पीछे भी उतनी ही मेहनत और प्रतिभा होती है जितनी कैमरे के सामने काम करने वालों में। वॉइस आर्टिस्ट का यह क्षेत्र अब लगातार नया सम्मान और पहचान हासिल कर रहा है।
सोनल कौशल की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपनी अलग पहचान बनाने का सपना देखते हैं — चाहे वह स्क्रीन पर दिखे या केवल आवाज़ में गूंजे।