केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने नई टोल पॉलिसी को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल 2025 से पहले एक ऐसी नीति लागू होगी, जिससे टोल पर बहस और विवाद खत्म हो जाएगा। इस नीति से यात्रियों को राहत मिलेगी और टोल प्रणाली अधिक पारदर्शी व सुविधाजनक होगी। गडकरी ने मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में आयोजित एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और टोल को लेकर अब कोई शिकायत नहीं होगी।
नई टोल पॉलिसी से क्या बदलेगा?
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने यह स्पष्ट किया कि नई टोल पॉलिसी से टोल विवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इसका मतलब है कि टोल दरों, भुगतान प्रक्रिया और सिस्टम में कोई कठिनाई नहीं होगी। अब टोल प्रणाली अधिक पारदर्शी होगी। इसके साथ ही यात्रियों के लिए सुविधाजनक व्यवस्था होगी। टोल टैक्स को लेकर कोई विवाद या बहस नहीं होगी। यहीं फास्ट और डिजिटल टोल कलेक्शन सिस्टम लागू किया जाएगा।
टोल से सरकार की आय होगी दोगुनी
गडकरी ने बताया कि वर्तमान में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को टोल से सालाना 55,000 करोड़ रुपये की आय होती है। यह अगले दो वर्षों में 1.40 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। इससे स्पष्ट है कि सरकार हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश कर रही है और नई टोल नीति के तहत यात्रियों को राहत देने के साथ-साथ राजस्व भी बढ़ाने की योजना बना रही है।
गरीब लोग भी कर सकेंगे हाईवे निर्माण में निवेश
गडकरी ने कहा कि गरीब लोग भी अब हाइवे निर्माण में निवेश कर सकेंगे। इसके लिए सरकार 8.05% की ब्याज दर की पेशकश करेगी, जबकि बैंकों की मौजूदा दर 4.5% है। यह नीति आम नागरिकों और किसानों के लिए फायदेमंद होगी।
किसान अब सिर्फ अन्नदाता नहीं, बल्कि ऊर्जा दाता
गडकरी ने भारतीय किसानों की भूमिका पर भी जोर दिया और कहा कि आज के किसान सिर्फ अन्नदाता (Food Provider) ही नहीं, बल्कि ऊर्जा दाता (Energy Provider) भी बन रहे हैं। बायोफ्यूल के उपयोग में तेजी से वृद्धि हो रही है। कृषि क्षेत्र में 20% तक की वृद्धि की संभावना है। 4000 से ज्यादा बायो एथेनॉल और बायो सीएनजी प्रोजेक्ट्स भारत में चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और अगले कुछ वर्षों में हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।