सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव राजेश राजोरा और अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने उज्जैन में निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों का स्थल पर जाकर गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण की शुरुआत शनि मंदिर क्षेत्र से की गई, जहां निर्माणाधीन ब्रिज और सड़क कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। इस दौरान भीड़ प्रबंधन की संभावित व्यवस्था और प्रस्तावित परियोजनाओं से होने वाले लाभों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
फोरलेन, मेला कार्यालय और सर्किट हाउस योजनाओं का अवलोकन
इसके बाद अधिकारियों ने दो तालाब से लालपुल क्षेत्र तक प्रस्तावित फोरलेन मार्ग, मेला कार्यालय के प्रस्तावित स्थल तथा नवीन सर्किट हाउस की योजना का निरीक्षण किया। साथ ही मेला क्षेत्र में लाइटिंग व्यवस्था और संपर्क मार्गों से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की गई, ताकि सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

उपयोगिता और गुणवत्ता पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव राजेश राजोरा ने निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावित कार्य पूरी सतर्कता और गुणवत्ता के साथ किए जाएं। उन्होंने कहा कि हर निर्माण कार्य की उपयोगिता को सिंहस्थ के दृष्टिकोण से परखा जाए। इस क्रम में अस्थायी मेला क्षेत्र का भी निरीक्षण किया गया तथा नईखेड़ी तक बनने वाली सड़क के संबंध में आवश्यक बिंदुओं को नोट किया गया।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यों के निर्देश
अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने सभी प्रस्तावित कार्यों पर गहन परीक्षण और तार्किक विचार के निर्देश दिए। दोनों अधिकारियों ने जिला प्रशासन को स्पष्ट रूप से कहा कि सिंहस्थ 2028 से जुड़े सभी कार्य समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। किसी भी प्रकार की देरी या समस्या की जानकारी तुरंत उच्च स्तर पर देने के निर्देश भी दिए गए।

कान्ह नदी डायवर्सन टनल का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग द्वारा निर्मित की जा रही कान्ह नदी डायवर्सन टनल का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारी टनल के भीतर उतरकर कार्य की प्रगति का जायजा लिया। बताया गया कि टनल निर्माण कार्य लगभग 50 प्रतिशत पूरा हो चुका है और शेष कार्य तय समय में पूरा करने की योजना है।
एक ही वाहन से निरीक्षण, प्रशासनिक समन्वय का संदेश
निरीक्षण के दौरान दोनों अपर मुख्य सचिव एक ही वाहन में सवार रहे। वाहन संजय दुबे ने स्वयं चलाया, जबकि फ्रंट सीट पर राजेश राजोरा बैठे रहे। पीछे की सीट पर कलेक्टर रौशन कुमार सिंह मौजूद रहे, जो पूरे मार्ग में विभिन्न कार्य योजनाओं की जानकारी अधिकारियों को देते रहे।
पेयजल, सीवर और ड्रेनेज व्यवस्था पर भी चर्चा
निरीक्षण के बाद हुई समीक्षा बैठक में कार्य योजनाओं को तार्किक ढंग से प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया, ताकि प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति मिल सके। इसके साथ ही सिंहस्थ मेला क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था, सीवर ट्रीटमेंट और ड्रेनेज लाइन से जुड़े विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त संतोष टैगोर, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कुमट सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी निरीक्षण दल के साथ मौजूद रहे।