वर्ष का अंतिम सप्ताह शुरू होते ही खंडवा जिले के बड़वाह क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नए साल की छुट्टियों और बढ़ती आवाजाही के कारण सड़कों पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया है। हालात ऐसे हैं कि बड़वाह से इंदौर की करीब 60 किलोमीटर की दूरी तय करने में यात्रियों को लगभग 7 घंटे तक का समय लग रहा है। लंबे जाम में फंसे वाहन, धीमी रफ्तार और धूप-ठंड के बीच सफर करने को मजबूर लोग मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से परेशान नजर आ रहे हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी बड़वाह से ओंकारेश्वर जाने वाले मार्ग पर देखी जा रही है। मात्र 17 किलोमीटर की इस दूरी को तय करने में श्रद्धालुओं को 3 से 4 घंटे तक का वक्त लग रहा है। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए देश-प्रदेश से पहुंचे श्रद्धालु जाम में घंटों फंसे हुए हैं। कई परिवार छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ सड़क पर इंतजार करने को मजबूर हैं, जिससे उनकी आस्था की यात्रा एक कठिन अनुभव में बदलती नजर आ रही है।
ओंकारेश्वर ही नहीं, बल्कि खंडवा क्षेत्र के पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले सैलानी भी इस ट्रैफिक जाम से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। होटल बुकिंग, दर्शन का समय और यात्रा की पूरी योजना बिगड़ रही है। पर्यटक और श्रद्धालु दोनों ही प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं और वैकल्पिक मार्गों व बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार बीते तीन दिनों से हालात लगातार ऐसे ही बने हुए हैं। रोजाना सुबह से रात तक सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। कई जगहों पर एक ही लेन में वाहनों की आवाजाही, सड़क किनारे खड़े वाहन और अव्यवस्थित पार्किंग ने जाम की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों को भी आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जाम में फंसे यात्रियों का कहना है कि यदि समय रहते ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन द्वारा उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो नए साल के आसपास हालात और बिगड़ सकते हैं। श्रद्धालु और पर्यटक प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि ओंकारेश्वर और इंदौर की ओर जाने वाले मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए, ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाए और सुचारु व्यवस्था बनाई जाए, ताकि आस्था और पर्यटन की यात्रा राहत भरी बन सके, न कि परेशानी का कारण।