स्पैम कॉल पर नकेल कसने में नाकामी, TRAI ने लगाया भारी जुर्माना

देश में लगातार बढ़ रही स्पैम कॉल और मैसेज की समस्या को रोकने में नाकाम रहने पर टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने बड़ा कदम उठाया है। TRAI ने Jio, Airtel और Vodafone Idea (VI) जैसे प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर्स पर कुल 150 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह पेनाल्टी साल 2020 से 2023 के बीच स्पैम रोकने से जुड़े नियमों का सही ढंग से पालन न करने के कारण लगाई गई है। नियामक का कहना है कि ऑपरेटर्स ने न तो समय रहते स्पैम करने वालों पर कार्रवाई की और न ही ग्राहकों की शिकायतों का प्रभावी समाधान किया।

नेटवर्क नहीं, नियमों की अनदेखी बनी वजह

TRAI ने साफ किया है कि यह जुर्माना इसलिए नहीं लगाया गया क्योंकि ऑपरेटर्स के नेटवर्क से स्पैम कॉल हो रही थीं, बल्कि इसलिए लगाया गया क्योंकि उन्होंने नियमों के अनुसार स्पैमर्स के खिलाफ आवश्यक कदम नहीं उठाए। ET Telecom की रिपोर्ट के अनुसार, कई मामलों में टेलीकॉम कंपनियों ने ग्राहकों की शिकायतों को गलत तरीके से बंद कर दिया। नियमों के तहत हर लाइसेंस सर्विस एरिया के लिए प्रति माह 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, इसी प्रावधान के आधार पर यह बड़ी पेनाल्टी तय की गई है।

ऑडिट में उजागर हुई गंभीर लापरवाही

TRAI के ऑडिट में यह सामने आया कि स्पैम के खिलाफ कार्रवाई में भारी लापरवाही बरती गई। पिछले साल नियामक ने 21 लाख से अधिक स्पैमर्स के मोबाइल कनेक्शन बंद कराए और एक लाख से ज्यादा संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया। इसके अलावा, 13 अगस्त 2024 को जारी नए निर्देशों के बाद सिर्फ सितंबर 2024 में ही करीब 18.8 लाख स्पैमर्स के कनेक्शन काटे गए और 1,150 से अधिक संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट में डाल दिया गया।

DND ऐप से शिकायत करना हुआ आसान

यूजर्स को राहत देने के लिए TRAI ने DND (डू नॉट डिस्टर्ब) ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप के जरिए अब सिर्फ 4 से 6 क्लिक में स्पैम कॉल या मैसेज की शिकायत दर्ज की जा सकती है। साथ ही, शिकायत दर्ज कराने की समयसीमा को भी बढ़ा दिया गया है। पहले जहां 3 दिन के भीतर शिकायत करनी होती थी, अब ग्राहक 7 दिनों के अंदर स्पैम कॉल या SMS की शिकायत दर्ज कर सकते हैं, जिससे स्पैमर्स की पहचान और कार्रवाई करना आसान हो सके।

स्पैम रोकने के लिए और सख्त हुए नियम

TRAI ने स्पैम पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए नियमों को और कड़ा कर दिया है। नए प्रावधानों के अनुसार, अगर किसी नंबर के खिलाफ पिछले 10 दिनों में 5 शिकायतें मिलती हैं, तो उस पर तुरंत कार्रवाई शुरू की जा सकती है। बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा से जुड़ी संस्थाओं के लिए ट्रांजैक्शन और सर्विस कॉल में 1600 सीरीज नंबर का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया गया है। सरकारी संस्थाओं को भी नागरिकों से संपर्क के लिए इसी सीरीज का उपयोग करना होगा, जबकि 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर से प्रमोशनल कॉल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।