Indore News: इंदौर शहर की किन्नर गुरु सपना ने पुलिस अधिकारियों पर साजिश रचने का आरोप लगाते हुए इच्छा मृत्यु की मांग की है। एक पुराने मामले में FIR दर्ज होने के बाद उन्होंने राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ पुलिस अधिकारी उन्हें झूठे मामले में फंसाकर उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं।
यह मामला तब गरमाया जब इंदौर के पंढरीनाथ थाने में सपना के खिलाफ दो साल पुरानी शिकायत के आधार पर एक FIR दर्ज की गई। यह कार्रवाई उनके जेल से रिहा होने के कुछ ही दिनों बाद हुई, जिसे सपना ने एक सोची-समझी साजिश बताया है। हालाकि, इस नए मामले में उनकी गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है।
जान को खतरा और झूठे केस का आरोप
जेल से छूटने के बाद सपना ने पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह को एक पत्र सौंपकर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी लगातार रेकी की जा रही है और एमआर-10 इलाके में उनके घर के पास संदिग्ध लोग देखे गए हैं।
सपना का कहना है कि उन्होंने 24 जनवरी को हीरानगर थाने और 27 जनवरी को स्वयं पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी थी कि उनके खिलाफ बिना जांच के कोई कार्रवाई न की जाए। इसके बावजूद, 29 जनवरी को उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।
‘कोर्ट के आदेश की भी हुई अनदेखी’
सपना ने दावा किया कि उन्होंने सबूतों के साथ 20 से ज्यादा शिकायतें पुलिस को दी थीं, लेकिन किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने 11 नवंबर को कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने पुलिस को 30 दिनों के भीतर जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था, लेकिन सपना के अनुसार, उस आदेश का भी पालन नहीं किया गया।
लगातार हो रही साजिशों से परेशान होकर उन्होंने कहा कि उनका जीना मुश्किल हो गया है, और इसी वजह से उन्होंने इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है।
क्या था पुराना मामला?
गौरतलब है कि इससे पहले नंदलालपुरा क्षेत्र के कुछ किन्नरों ने सपना गुरु और राजा हाशमी पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए सामूहिक आत्महत्या का प्रयास किया था। इसी मामले में सपना के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी और उन्हें जेल भेजा गया था। उस मामले में एक मीडियाकर्मी अक्षय कुमायू को भी आरोपी बनाया गया था, जिस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित है और वह अभी भी फरार है।