होली पर घर जाना होगा आसान, एमपी, यूपी और बिहार के यात्रियों के लिए स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल और ठहराव जारी

होली का पर्व नजदीक आते ही देशभर में यात्रियों की आवाजाही तेज हो जाती है। विशेष रूप से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिलती है। त्योहार के समय बड़ी संख्या में लोग महानगरों से अपने गांव और गृह नगर लौटते हैं, जिससे नियमित ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती है और जनरल कोचों में अत्यधिक भीड़भाड़ हो जाती है। वर्ष 2026 की होली को देखते हुए रेलवे ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है, ताकि यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े। पिछले वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि होली सीजन में करीब 20 से 30 प्रतिशत अतिरिक्त यात्री सफर करते हैं, जिससे ट्रेनों पर दबाव बढ़ जाता है।

इसी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए Western Railway के रतलाम मंडल ने पांच विशेष ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। इन स्पेशल ट्रेनों का उद्देश्य त्योहार के दौरान सुरक्षित, समयबद्ध और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराना है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन ट्रेनों के संचालन से नियमित ट्रेनों में दबाव कम होगा और यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। इसके साथ ही संबंधित रूट्स के प्रमुख स्टेशनों पर वेटिंग रूम, प्लेटफॉर्म सुविधाएं और साफ-सफाई व्यवस्था को भी बेहतर किया जा रहा है। यह पहल न केवल यात्रियों के लिए राहत भरी है, बल्कि त्योहार के दौरान स्थानीय बाजारों और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी।

होली की बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे ने देशभर में कुल 186 अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारियों के अनुसार ये ट्रेनें खास तौर पर मध्य भारत और पूर्वी राज्यों के यात्रियों को ध्यान में रखकर चलाई जा रही हैं। त्योहारों के दौरान स्पेशल ट्रेनों का संचालन सड़क यातायात पर दबाव कम करता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका घटती है और पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इन ट्रेनों में एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, स्लीपर और जनरल कोच उपलब्ध रहेंगे, ताकि अलग-अलग बजट के यात्री सुविधानुसार यात्रा कर सकें। टिकट बुकिंग IRCTC की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध रहेगी, जहां अग्रिम आरक्षण की सुविधा मिलेगी। साथ ही हेल्पलाइन नंबर और रीयल-टाइम अलर्ट सिस्टम के जरिए यात्रियों को ट्रेन संबंधी ताजा जानकारी दी जाएगी।

डॉ. आंबेडकर नगर से पटना के बीच चलाई जा रही साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (संख्या 09343/09344) यात्रियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। यह ट्रेन डॉ. आंबेडकर नगर से हर गुरुवार शाम 6 बजे रवाना होकर अगले दिन शाम 6:30 बजे पटना पहुंचेगी। यह सेवा 26 फरवरी से 26 मार्च 2026 तक उपलब्ध रहेगी। वापसी में ट्रेन हर शुक्रवार रात 9:30 बजे पटना से प्रस्थान कर अगले दिन रात 11:55 बजे डॉ. आंबेडकर नगर पहुंचेगी। यह ट्रेन इंदौर, उज्जैन, मक्सी, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुरवारा, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर, आरा और दानापुर जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी, जिससे मध्य भारत और पूर्वी भारत के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

इसी कड़ी में मुंबई सेंट्रल से बनारस और कटिहार के लिए भी विशेष ट्रेनों की घोषणा की गई है। ट्रेन संख्या 09183 मुंबई सेंट्रल से हर बुधवार रात 10:30 बजे रवाना होकर शुक्रवार सुबह 10:30 बजे बनारस पहुंचेगी। वापसी सेवा 09184 शुक्रवार दोपहर 2:30 बजे बनारस से चलकर रविवार तड़के मुंबई पहुंचेगी। वहीं, 09189 मुंबई सेंट्रल से कटिहार के लिए हर शनिवार सुबह 10:55 बजे चलेगी और सोमवार सुबह 7:30 बजे कटिहार पहुंचेगी। वापसी में 09190 कटिहार से मंगलवार आधी रात 12:15 बजे प्रस्थान कर शाम 6:40 बजे मुंबई पहुंचेगी। ये सभी ट्रेनें रतलाम और उज्जैन मार्ग से होकर गुजरेंगी, जिससे पश्चिम और पूर्व भारत के बीच यात्रा सुगम होगी।

इसके अलावा वडोदरा से गोरखपुर और मऊ के लिए भी स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। ट्रेन संख्या 09111 वडोदरा से हर सोमवार शाम 7 बजे चलकर अगले दिन रात 11:30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी, जबकि वापसी 09112 गोरखपुर से बुधवार सुबह 5 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 8:35 बजे वडोदरा पहुंचेगी। इसी प्रकार 09195 वडोदरा से मऊ के लिए हर शनिवार शाम 7 बजे चलेगी और अगले दिन रात 8:45 बजे पहुंचेगी, जबकि 09196 मऊ से रविवार रात 11:15 बजे चलकर मंगलवार आधी रात 12:45 बजे वडोदरा पहुंचेगी। ये सभी ट्रेनें रतलाम मार्ग से होकर गुजरेंगी और बिहार व पूर्वी उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होंगी।

कुल मिलाकर, रेलवे की यह व्यापक योजना होली के अवसर पर यात्रियों की भीड़ को व्यवस्थित करने और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे परिवारों का मिलन आसान होगा, टिकट की परेशानी कम होगी और त्योहार की खुशियां बिना तनाव के मनाई जा सकेंगी।