New Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चेक बाउंस मामले में कोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी 2026 को दोपहर 4 बजे तक संबंधित जेल अधीक्षक के समक्ष सरेंडर करने का आदेश दिया है।
जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि भुगतान को लेकर बार-बार आश्वासन देना और फिर उसका उल्लंघन करना बेहद गंभीर मामला है। कोर्ट ने इसे निंदनीय आचरण करार दिया।
कई मौके देने के बाद भी टूटा भरोसा
सुनवाई के दौरान जस्टिस शर्मा ने कहा कि अभिनेता को कई मौके दिए गए। हर बार उन्होंने कोर्ट के भरोसे को तोड़ा है। राजपाल यादव और उनकी पत्नी ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत हुई सजा को चुनौती दी थी।
निचली अदालत ने दोनों को छह महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद दोनों ने हाई कोर्ट का रुख किया था।
2.5 करोड़ रुपये का था आश्वासन
जून 2024 में कोर्ट ने सजा को निलंबित कर दिया था। यह इसलिए किया गया ताकि दोनों पक्ष आपसी समझौते की संभावना तलाश सकें। मामला मध्यस्थता के लिए भेजा गया था।
राजपाल यादव ने कुल 2.5 करोड़ रुपये भुगतान करने का आश्वासन दिया था। इसमें 40 लाख रुपये और 2.10 करोड़ रुपये की किश्तें शामिल थीं। लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी कोई राशि जमा नहीं की गई।
ड्राफ्ट में गलती का बहाना भी खारिज
अभिनेता की ओर से ड्राफ्ट में टाइपिंग की गलती का तर्क दिया गया। कोर्ट ने इसे भी खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि गलती की जानकारी होने के बावजूद न तो रकम जमा की गई और न ही कोई स्पष्टीकरण आवेदन दिया गया।
जनवरी 2026 में अंतिम मौका दिए जाने के बाद भी अभिनेता भुगतान करने में असफल रहे। कोर्ट ने साफ कहा कि लगातार आदेशों की अवहेलना के बाद अब और रियायत संभव नहीं है।
वकील की अपील पर मिला सरेंडर का समय
हालाकि न्याय के हित में अभिनेता को थोड़ी राहत दी गई है। उन्हें 4 फरवरी दोपहर 4 बजे तक सरेंडर का समय दिया गया है। यह राहत उनके वकील के अनुरोध पर दी गई।
वकील ने कोर्ट को बताया कि अभिनेता इस समय मुंबई में पेशेवर काम में व्यस्त हैं। इसलिए उन्हें कुछ समय की जरूरत है।
शिकायतकर्ता कंपनी को मिलेगी जमा राशि
कोर्ट ने एक और महत्वपूर्ण आदेश दिया है। पहले से जमा राशि को शिकायतकर्ता कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को जारी करने का निर्देश दिया गया है।
मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी 2026 को होगी। इस तारीख पर जेल अधीक्षक से अनुपालन रिपोर्ट मांगी गई है। कोर्ट यह देखेगा कि अभिनेता ने सरेंडर किया या नहीं।
क्या है पूरा मामला
यह मामला चेक बाउंस से जुड़ा है। मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि उन्होंने भुगतान के लिए दिए गए चेक बाउंस हो गए।
निचली अदालत ने दोनों को दोषी पाया था। छह महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद दोनों ने हाई कोर्ट में अपील की थी।
अब कोर्ट के सख्त रुख के बाद अभिनेता के पास सरेंडर के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। 4 फरवरी को यह साफ हो जाएगा कि आगे क्या होता है।