जूतों की बदबू से परेशान हैं? जानिए वजह और इसका आसान घरेलू उपाय

कई बार घर से बाहर किसी जगह पर जूते उतारने की नौबत आ जाती है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह स्थिति बेहद असहज और शर्मनाक हो जाती है। इसकी सबसे बड़ी वजह पैरों या तलवों से आने वाली तेज बदबू होती है। खासतौर पर जिन लोगों के पैरों में ज्यादा पसीना आता है, उन्हें जूते और मोजों में बदबू की समस्या अधिक झेलनी पड़ती है। अकेले में तो इंसान किसी तरह इस परेशानी को सहन कर लेता है, लेकिन दूसरों के सामने जूते उतारते ही शर्मिंदगी तय हो जाती है। मान्यता यह भी है कि जिन लोगों को नजला यानी लगातार नाक बहने की समस्या रहती है, उनके तलवों में पसीना ज्यादा बनता है, जिससे जूतों में बदबू पैदा होती है।

तलवों से बदबू आने की असली वजह

पैरों से आने वाली बदबू का मुख्य कारण पसीना और बैक्टीरिया होते हैं। यह पूरी तरह एक रासायनिक प्रक्रिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में सबसे ज्यादा पसीने की ग्रंथियां पैरों में होती हैं। पसीना अपने आप में गंधहीन होता है क्योंकि इसमें पानी, नमक और थोड़ी मात्रा में प्रोटीन या यूरिया होता है। लेकिन जब यह पसीना बैक्टीरिया के संपर्क में आता है, तब बदबू पैदा होती है। जूते बंद होते हैं और मोजे गर्म, जिससे नमी बनी रहती है और हवा का संचार नहीं हो पाता। इसी कारण पसीना न तो सूख पाता है और न ही बाहर निकलता है। जब जूते उतारे जाते हैं, तो अंदर जमा बदबू तुरंत फैल जाती है। दरअसल बैक्टीरिया पसीने में मौजूद नमक, अमीनो एसिड, मृत कोशिकाएं और तेल को तोड़ते हैं, जिससे दुर्गंध पैदा होती है।

कुछ लोगों में बदबू ज्यादा क्यों आती है

हर किसी को पैरों की बदबू की समस्या एक जैसी नहीं होती। कुछ लोगों में यह परेशानी ज्यादा होती है, जिसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। अत्यधिक पसीना आना, पैरों में डेड स्किन का जमाव और फंगल इंफेक्शन बदबू को बढ़ा देते हैं। इसके अलावा रोज एक ही जूता पहनना, जूतों को ठीक से न सुखाना और कॉटन की बजाय सिंथेटिक मोजे पहनना भी बैक्टीरिया के पनपने का कारण बनता है। विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज, हार्मोनल असंतुलन और अधिक तनाव की स्थिति में भी पैरों की बदबू की समस्या बढ़ सकती है।

टी बैग से पाएं जूतों की बदबू से राहत

जूते उतारते ही आने वाली बदबू से छुटकारा पाने के लिए लोग कई घरेलू उपाय अपनाते हैं। पैरों को तुरंत साबुन से धोना एक आम तरीका है, लेकिन असली समस्या जूतों के अंदर जमी गंदगी और बैक्टीरिया होती है। ऐसे में टी बैग का इस्तेमाल एक कारगर घरेलू उपाय माना जाता है। चाय में मौजूद टैनिन एक प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल तत्व होता है, जो बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया की ग्रोथ को कम करता है। इसके साथ ही चाय की पत्तियां बदबू को सोख लेती हैं और अपनी खुशबू से दुर्गंध को ढक देती हैं।

टी बैग का सही इस्तेमाल कैसे करें

अक्सर लोग सूखे टी बैग को जूतों में रख देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार पानी में भिगोए हुए टी बैग ज्यादा असरदार होते हैं। इसके लिए दो टी बैग को पानी में उबाल लें और फिर बाहर निकालकर ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद इन टी बैग्स को बदबूदार जूतों के अंदर रख दें और लगभग 2 से 3 घंटे तक छोड़ दें। अगर बदबू ज्यादा है, तो टी बैग्स की संख्या बढ़ाई जा सकती है या उन्हें रातभर जूतों में छोड़ा जा सकता है।

धूप और नियमित देखभाल भी है जरूरी

बैक्टीरिया की वजह से बनने वाली बदबू को कम करने में टी बैग जूतों की नमी भी सोख लेते हैं। इस उपाय के बाद जूतों को धूप में रखना और भी फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि सूरज की यूवी किरणें बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करती हैं। हफ्ते में दो से तीन बार इस घरेलू नुस्खे को अपनाने से जूतों की बदबू में काफी हद तक कमी आ सकती है और शर्मिंदगी से राहत मिल सकती है।