वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष के 14वें दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सरकार के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक विवादित लेकिन कड़ा बयान देते हुए कहा कि ईरानी सरकार से जुड़े लोगों का सफाया करना उनके लिए एक ‘बड़ा सम्मान’ है।
ईरान की सैन्य कमर तोड़ने का दावा
ट्रंप ने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि अमेरिका इस समय ईरान को सैन्य और आर्थिक, दोनों मोर्चों पर पूरी तरह कमजोर करने की नीति पर काम कर रहा है। ट्रंप के मुताबिक:
ईरानी नौसेना और वायुसेना को भारी क्षति पहुंचाई गई है।
ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को लगातार नष्ट किया जा रहा है।
ईरान के कई शीर्ष नेता पहले ही अमेरिकी और इजराइली कार्रवाई में मारे जा चुके हैं।
ट्रंप ने भावुक और कड़े लहजे में कहा, “ईरान पिछले 47 वर्षों से दुनिया भर में मासूमों का खून बहा रहा है। अब अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में यह मेरी जिम्मेदारी है कि उनके इस आतंक को खत्म किया जाए।”
मीडिया पर निशाना: न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया ‘झूठा’
अपनी सैन्य उपलब्धियां गिनाने के साथ-साथ ट्रंप ने अमेरिकी अखबार ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह अखबार पक्षपाती रिपोर्टिंग कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि जमीन पर अमेरिका ईरान के शासन को पूरी तरह तबाह कर रहा है, लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स की खबरों को पढ़कर ऐसा लगता है जैसे अमेरिका यह जंग जीत ही नहीं रहा है। उन्होंने इसे जनता को गुमराह करने वाला एजेंडा करार दिया।
नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की हालत नाजुक
जंग के मैदान से ईरान के लिए एक और परेशान करने वाली खबर आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई एक हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
प्रमुख घटनाक्रम:
कोमा में जाने का दावा: ब्रिटिश अखबार ‘द सन’ के अनुसार, 28 फरवरी को हुए एक हमले में मुजतबा खामेनेई घायल हो गए थे और फिलहाल कोमा में हैं।
पैर काटना पड़ा: रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चोटें इतनी गंभीर थीं कि डॉक्टरों को उनका एक पैर काटना पड़ा और उनके लिवर को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
अस्पताल बना छावनी: उन्हें तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ के एक हिस्से को पूरी तरह सील कर कड़ी सुरक्षा तैनात कर दी गई है।
गौरतलब है कि मुजतबा को उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद 9 मार्च को ही ईरान की कमान सौंपी गई थी। अब उनकी नाजुक हालत ने ईरान के राजनीतिक भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।