Mumbai News: वैश्विक राजनीति में बढ़ते तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तीखे बयानों ने भारतीय शेयर बाजार यानी ‘दलाल स्ट्रीट’ को हिला कर रख दिया है।
ईरान और अमेरिका के बीच गहराते संघर्ष और ट्रंप द्वारा युद्ध की राह न छोड़ने के संकेतों ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। गुरुवार की सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में कोहराम और निवेशकों को भारी चपत
कारोबार की शुरुआत में ही बीएसई (BSE) सेंसेक्स 1400 अंक से ज्यादा धराशायी हो गया, वहीं एनएसई (NSE) निफ्टी 426 अंक की भारी गिरावट के साथ 22,253 के स्तर पर आ गया। इस जोरदार बिकवाली के कारण महज कुछ ही मिनटों में बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप लगभग 8 लाख करोड़ रुपये घट गया। इससे पहले गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) ने भी 400 अंकों की गिरावट के साथ बाजार में बड़े क्रैश के संकेत दे दिए थे।
ट्रंप का भाषण और ईरान पर हमले का अल्टीमेटम
बाजार में इस भगदड़ की मुख्य वजह राष्ट्रपति ट्रंप का ताजा संबोधन रहा। ट्रंप ने साफ कर दिया कि वे फिलहाल संघर्ष रोकने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि:
अगले 2 से 3 हफ्तों के भीतर ईरान पर बड़ा सैन्य हमला होगा।
ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता पहले ही काफी कमजोर हो चुकी है।
ईरान की नौसेना और वायुसेना अब प्रभावी नहीं रह गई हैं और उनके हथियार बनाने के कारखाने तबाह किए जा रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग
ट्रंप के इस युद्धक रुख का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ा। संबोधन से पहले जहां ब्रेंट क्रूड नरमी के साथ 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब था, वहीं भाषण के बाद इसमें 4% का उछाल आया और यह 106 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। WTI क्रूड भी 3% चढ़कर 103 डॉलर के पार निकल गया।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए महंगाई का बड़ा खतरा पैदा करती हैं, जिसके डर से घरेलू बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी जा रही है।