नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। अब किसी भी तरह की स्कॉलरशिप या फेलोशिप का लाभ उठाने के लिए बैंक खाते का आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य कर दिया गया है।
यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि भुगतान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए अब आधार-आधारित भुगतान (Aadhaar-Based Payment – ABP) सिस्टम को पूरी तरह लागू किया जा रहा है।
क्या है नया नियम और क्यों हुआ बदलाव?
यूजीसी के नए नियमों के मुताबिक, अब फेलोशिप और स्कॉलरशिप की राशि सीधे ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) के माध्यम से छात्रों के उन बैंक खातों में भेजी जाएगी, जो आधार से जुड़े होंगे। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बिचौलियों को खत्म करना और यह सुनिश्चित करना है कि पैसा सही लाभार्थी के पास पहुंचे।
अभी तक कई छात्र अलग-अलग खातों का उपयोग कर रहे थे, लेकिन अब सिस्टम केवल उस खाते को पहचानेगा जो आधार मैप्ड है। यदि आपका आधार बैंक खाते से लिंक नहीं है, तो आपकी अगली किस्त अटक सकती है।
15 अप्रैल 2026 तक का है समय
यूजीसी ने सभी लाभार्थियों को अपनी जानकारी अपडेट करने के लिए 15 अप्रैल 2026 तक की समय सीमा (डेडलाइन) दी है। छात्रों को ‘स्कॉलरशिप एंड फेलोशिप मैनेजमेंट पोर्टल’ (SFMP) पर जाकर अपना आधार नंबर अपडेट करना होगा।
इसके बाद, संबंधित संस्थानों के नोडल अधिकारियों को 20 अप्रैल 2026 तक सभी विवरणों की जांच और सत्यापन (Verification) पूरा करने का निर्देश दिया गया है। यह कवायद इसलिए की जा रही है ताकि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का भुगतान बिना किसी देरी के समय पर किया जा सके।
छात्रों के लिए जरूरी कदम
अगर आप यूजीसी-नेट (UGC-NET) फेलोशिप या अन्य किसी योजना का लाभ ले रहे हैं, तो इन स्टेप्स का पालन करें:
बैंक लिंकिंग: सबसे पहले अपने बैंक जाकर सुनिश्चित करें कि आपका आधार नंबर खाते से लिंक है और डीबीटी (DBT) सक्रिय है।
पोर्टल अपडेट: UGC के SFMP पोर्टल पर लॉगिन करें और अपनी आधार डिटेल्स दर्ज करें।
गाइडलाइन: पोर्टल पर दिए गए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड की मदद लें।
पांडिचेरी और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी जैसे कई संस्थान इस नियम को पहले ही पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अपना चुके हैं। अब इसे देशभर की सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। अतः समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर लें, अन्यथा आपकी आर्थिक सहायता रुक सकती है।