Ujjain News: उज्जैन जिले के बड़नगर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ 200 फीट गहरे बोरवेल में गिरे दो साल के मासूम भागीरथ देवासी को बचाया नहीं जा सका। करीब 22 घंटे तक चले मैराथन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद NDRF और SDRF की टीमों ने बच्चे के शव को बाहर निकाला।
रेस्क्यू में ‘जुगाड़’ और नाकाम कोशिशें
गुरुवार रात से ही कलेक्टर, एसपी और बचाव दल मौके पर डटे रहे। बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए 8 अलग-अलग कोशिशें की गईं, लेकिन कठोर पत्थरों और गहराई के कारण मिशन सफल नहीं हो सका। अंततः लोहे की छड़ और रस्सी के सहारे शव को बाहर निकाला गया। इस घटना ने एक बार फिर आपदा प्रबंधन की तैयारियों और इमरजेंसी तकनीक पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या वह केवल ‘मैन पावर’ के भरोसे हैं और आधुनिक तकनीक में आज भी पीछे?
मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया शोक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद गमगीन माहौल में मासूम का अंतिम संस्कार किया गया।