सिंहस्थ के लिए तैयार हो रही है उज्जैन नगरी, प्राचीन अवन्तिका वाला वैभव सिंहस्थ 2028 में दिखेगा

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि बदलते समय के साथ उज्जैन विकास के नए आयाम छू रहा है। शहर के चारों ओर निरंतर विकास कार्य हो रहे हैं और देश-विदेश के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह यहां निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सिंहस्थ 2028 अभूतपूर्व और अलौकिक होगा, जिसकी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने उज्जैनवासियों से अपील की कि सेवा-भाव की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शहर में आने वाले श्रद्धालुओं और आगंतुकों की मदद व मार्गदर्शन में तत्पर रहें।

129 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण

सोमवार को नानाखेड़ा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 129 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इस अवसर पर नानाखेड़ा स्टेडियम में विश्वस्तरीय हॉकी एस्ट्रो टर्फ के निर्माण की घोषणा भी की गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी मुकाबलों के आयोजन का मार्ग प्रशस्त होगा। कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद उमेशनाथ महाराज, विधायक जितेंद्र पंड्या, अनिल जैन कालूहेड़ा, सतीश मालवीय, संजय अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष कमला कुंवर देवड़ा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शिवानी कुंवर, महापौर मुकेश टटवाल, राजेंद्र भारती सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

तेज रफ्तार विकास और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में गली-मोहल्लों से लेकर गांव और शहर तक विकास की गति स्पष्ट दिखाई दे रही है। सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं को शुद्ध शिप्रा जल में स्नान की सुविधा मिलेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश के समग्र विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विकास यात्रा निरंतर आगे बढ़ती रहेगी। उज्जैन में बड़ी फैक्ट्रियां, आईटी पार्क और साइंस सिटी का निर्माण हो रहा है। सड़कों, पुलों और फ्लाईओवर का जाल बिछाया जा रहा है। आकाशवाणी उज्जैन 24 घंटे सेवा दे रही है। इंदौर–उज्जैन के बीच 160 किमी प्रति घंटे की गति से वंदे मेट्रो ट्रेन चलने की योजना है, एयरपोर्ट निर्माण की तैयारी है और इंदौर–उज्जैन मेट्रोपॉलिटन सिटी की सौगात भी मिल रही है।

सांसदों ने गिनाईं विकास की उपलब्धियां

सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि मुख्यमंत्री जब भी उज्जैन आते हैं, विकास की नई सौगात लेकर आते हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का चौड़ीकरण, पुल-पुलियों का निर्माण तेजी से हो रहा है। किसानों को भावांतर की राशि मिल रही है और बीमा राशि भी शीघ्र मिलने की उम्मीद है। लाड़ली बहनों को जल्द ही 3000 रुपये प्रतिमाह देने की बात भी उन्होंने कही।

राज्यसभा सांसद उमेशनाथ महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उज्जैन का कायाकल्प हो रहा है। उद्योगों की स्थापना से रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और शहर तेज गति से विकास पथ पर अग्रसर है।

प्रोजेक्ट स्वाध्याय और उत्कर्ष उज्जैन पोर्टल का शुभारंभ

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘प्रोजेक्ट स्वाध्याय’ का शुभारंभ किया, जो ‘कोडिंग फॉर ऑल’ थीम पर आधारित है और विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए समर्पित है। इसके साथ ही ‘utkarshujjain.com’ पोर्टल का अनावरण किया गया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म उज्जैन के उद्योग, रोजगार और कौशल से जुड़ी जानकारी को एक मंच पर जोड़ता है।

विस्तृत विकास कार्यों की सूची

कार्यक्रम में सिंहस्थ मद सहित अनेक परियोजनाओं का भूमिपूजन/लोकार्पण किया गया। इनमें राजस्व कॉलोनी मुख्य मार्ग, नानाखेड़ा चौराहा से शांति पैलेस एमआर-02, सांदीपनी चौराहा से उदयन मार्ग, गाड़ी अड्डा चौराहा से रणकेश्वर महादेव मंदिर तक एमआर-04, हनुमान नाका से हरिफाटक मार्ग, कानीपुरा में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जनपद पंचायत उज्जैन के अंतर्गत 289 कार्य, कपिला गौशाला का संवर्धन, टैगोर चौराहा से दो तालाब तक सड़क, पंवासा क्षेत्र में ईडब्ल्यूएस कॉलोनी, ढांचा भवन से एमआर-05, नीलगंगा चौराहा से हरिफाटक ब्रिज और जनपद पंचायत भवन निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं।

उज्जैन को स्वच्छ, समृद्ध और आधुनिक शहर बनाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य उज्जैन को स्वच्छ, पर्यावरण अनुकूल, रोजगारयुक्त और आधुनिक सुविधाओं से लैस शहर बनाना है। सिंहस्थ 2028 इस विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव होगा, जिसके लिए सरकार और नागरिक मिलकर कार्य करेंगे।