महाशिवरात्रि पर 44 घंटे निरंतर होंगे महाकाल दर्शन, 15 फरवरी को शयन आरती स्थगित, 16 को भस्म आरती का समय परिवर्तित

उज्जैन: श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति ने देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक अभूतपूर्व कदम उठाया है। समिति ने महाशिवरात्रि पर्व 2026 के लिए दर्शन का विस्तृत कार्यक्रम दो साल पहले ही घोषित कर दिया है, ताकि भक्त अपनी यात्रा की योजना समय रहते बना सकें।

यह पहली बार है जब महाकाल मंदिर प्रबंधन ने इतनी अग्रिम योजना के साथ किसी पर्व का कार्यक्रम जारी किया है। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य महाशिवरात्रि पर उमड़ने वाली भारी भीड़ का बेहतर प्रबंधन करना और श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा से बचाना है।

44 घंटे लगातार खुले रहेंगे पट

मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और कलेक्टर नीरज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। जारी कार्यक्रम के अनुसार, महाशिवरात्रि 2026 का पर्व 26 फरवरी को मनाया जाएगा। इस अवसर पर बाबा महाकाल के भक्तों को 44 घंटे तक लगातार दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा।

मंदिर के पट 26 फरवरी 2026 को सुबह 4 बजे खुलेंगे और 27 फरवरी की रात 10 बजे शयन आरती के बाद ही बंद होंगे। इस दौरान भक्त बिना किसी रुकावट के अपने आराध्य के दर्शन कर सकेंगे।

विशेष पूजा और आरती का समय

महाशिवरात्रि के दिन होने वाली विशेष आरतियों और पूजाओं का समय भी निर्धारित कर दिया गया है।

महापर्व के दिन दोपहर 12 बजे होने वाली भस्म आरती के लिए पट खोले जाएंगे। इसके बाद शाम 4 बजे होलकर राजवंश की ओर से पूजा-अर्चना की जाएगी। वहीं, रात 11 बजे सिंधिया राजवंश की तरफ से परंपरागत पूजा संपन्न होगी। इन विशेष पूजाओं के बाद भी आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था निर्बाध रूप से जारी रहेगी।

श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि

मंदिर प्रशासक मृणाल मीणा ने बताया कि इस अग्रिम घोषणा से भक्तों को अपनी यात्रा, टिकट बुकिंग और ठहरने की व्यवस्था करने में पर्याप्त समय मिलेगा। अक्सर अंतिम समय में कार्यक्रम जारी होने से भक्तों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस फैसले से न केवल श्रद्धालु अपनी यात्रा की योजना बेहतर ढंग से बना पाएंगे, बल्कि प्रशासन को भी सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं करने के लिए पूरा समय मिलेगा।