उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित मंगलनाथ मंदिर में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मंदिर के मुख्य द्वार पर लगे भारी पत्थर अचानक नीचे गिर गए। उस समय कई श्रद्धालु दरवाजे के पास खड़े थे, लेकिन सौभाग्य से कोई भी घायल नहीं हुआ।
जबलपुर से आए थे श्रद्धालु
बताया जा रहा है कि पत्थर गिरने के समय मुख्य द्वार के निकट मौजूद सभी श्रद्धालु जबलपुर के निवासी थे। ये लोग पहले उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन कर चुके थे। इसके बाद वे राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर की यात्रा पर जाने वाले थे। बीच में मंगलनाथ मंदिर के दर्शन के लिए रुके थे।
बड़ा हादसा टला
मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगे पत्थर बिना किसी पूर्व चेतावनी के अचानक टूटकर गिर गए। श्रद्धालुओं ने समय रहते खुद को बचा लिया। अगर कुछ सेकंड की देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल रहा।
मंदिर प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल
इस घटना के बाद मंदिर की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मंगलनाथ मंदिर उज्जैन के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर की नियमित जांच और रखरखाव की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर की पुरानी संरचना में कई जगह दरारें दिख रही हैं। पहले भी इस तरह की शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस ताजा घटना के बाद प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे अहम
धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उज्जैन जैसे बड़े तीर्थ नगर में जहां रोजाना हजारों लोग आते हैं, वहां मंदिरों की इमारतों का समय-समय पर निरीक्षण अनिवार्य है। इस घटना ने एक बार फिर इस जरूरत को रेखांकित किया है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक बयान की पुष्टि नहीं हुई है। श्रद्धालु सुरक्षित हैं और उन्होंने अपनी आगे की यात्रा जारी रखी।