उज्जैन महापौर ने CM यादव को लिखा पत्र: RTE के तहत 8वीं नहीं, 12वीं तक हो मुफ्त शिक्षा

Ujjain News: शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत गरीब बच्चों के भविष्य को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल ने एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर आरटीई के नियमों में संशोधन करने और नि:शुल्क शिक्षा की सीमा को कक्षा 8वीं से बढ़ाकर 12वीं तक करने का सुझाव दिया है।
8वीं के बाद पढ़ाई छूटने का डर
वर्तमान नियमों के अनुसार, बीपीएल परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में केवल कक्षा 8वीं तक ही नि:शुल्क प्रवेश और शिक्षा मिलती है। महापौर ने पत्र में चिंता जताई कि जैसे ही बच्चा 9वीं कक्षा में पहुंचता है, निजी स्कूल भारी-भरकम फीस की मांग करते हैं। वहीं, उत्कृष्ट या सांदीपनि जैसे प्रतिष्ठित सरकारी स्कूलों में प्रवेश मिलना भी चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में कई प्रतिभावान बच्चों की पढ़ाई बीच में ही छूटने का खतरा बना रहता है।
महापौर के मुख्य सुझाव:
  • निरंतरता का अधिकार: यदि किसी बच्चे को एक बार आरटीई के तहत निजी स्कूल में प्रवेश मिल गया है, तो उसे उसी स्कूल में 12वीं तक मुफ्त पढ़ाई का अधिकार मिलना चाहिए।
  • नियमों में संशोधन: राज्य सरकार को आरटीई अधिनियम के दायरे को विस्तृत करने के लिए आवश्यक कानूनी बदलाव करने चाहिए।
  • सरकारी स्कूलों में प्राथमिकता: शासकीय उत्कृष्ट और अन्य मॉडल स्कूलों में इन छात्रों को प्राथमिकता के आधार पर दाखिला दिया जाना चाहिए।
महापौर मुकेश टटवाल का कहना है कि शिक्षा केवल प्राथमिक स्तर तक सीमित नहीं होनी चाहिए। यदि हम वास्तव में बच्चों का भविष्य संवारना चाहते हैं, तो उन्हें कम से कम स्कूली शिक्षा (12वीं) तक निरंतरता प्रदान करना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री को लिखे इस पत्र के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदेश सरकार इस दिशा में कोई सकारात्मक निर्णय ले सकती है।