महाकाल मंदिर के गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश का मुद्दा उठा: सांसद अनिल फिरोजिया ने कलेक्टर से रोज़ दो घंटे अनुमति देने की मांग की

उज्जैन-आलोट से सांसद अनिल फिरोजिया ने शुक्रवार को श्री महाकालेश्वर मंदिर में आम श्रद्धालुओं के गर्भगृह प्रवेश पर जारी प्रतिबंध का मुद्दा उठाया। उन्होंने जिला कलेक्टर से इस व्यवस्था में बदलाव कर प्रतिदिन कम से कम दो घंटे के लिए श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश देने का सुझाव दिया।

वर्तमान में गर्भगृह में केवल विशेष अनुमति प्राप्त व्यक्तियों को ही प्रवेश मिल रहा है। आम श्रद्धालु नंदी हॉल से ही भगवान महाकाल के दर्शन कर पाते हैं। सांसद का कहना है कि मंदिर में आने वाले दूर-दराज के भक्तों को गर्भगृह में जाकर प्रत्यक्ष दर्शन का अवसर मिलना चाहिए।

सांसद का प्रस्ताव

अनिल फिरोजिया ने प्रशासन को यह सुझाव दिया कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए एक निश्चित समयावधि तय की जाए, जिसमें आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश कराया जा सके। उन्होंने बताया कि इससे श्रद्धालुओं की आस्था को सम्मान मिलेगा और मंदिर आने वालों का अनुभव बेहतर होगा।

मंदिर व्यवस्था और पृष्ठभूमि

श्री महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान गर्भगृह में प्रवेश पर सख्त रोक लगा दी गई थी, जिसे बाद में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा कारणों से जारी रखा गया। अब सांसद का यह प्रस्ताव इसी प्रतिबंध में आंशिक ढील देने को लेकर है।

मामले पर प्रशासन की ओर से अभी औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, कलेक्टर कार्यालय इस सुझाव पर मंदिर प्रबंधन समिति के साथ चर्चा करेगा।