उज्जैन में पुलिस परिवारों को मिलेंगे स्मार्ट होम, हाउसिंग कॉर्पोरेशन ने तैयार की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग की योजना

मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में पदस्थ पुलिसकर्मियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से बेहतर आवास की बाट जोह रहे पुलिस परिवारों का सपना अब हकीकत में बदलने वाला है। मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPPHC) ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए स्मार्ट होम प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार कर ली है। इस योजना के तहत पुलिसकर्मियों को सर्वसुविधायुक्त और सुरक्षित वातावरण वाले आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।

विभाग द्वारा तैयार की गई योजना के अनुसार, उज्जैन में पुलिस विभाग के पास उपलब्ध भूमि का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। पुराने और जर्जर हो चुके मकानों को हटाकर उनकी जगह ऊंची इमारतें (मल्टीस्टोरी बिल्डिंग) बनाई जाएंगी। इसका मुख्य उद्देश्य कम जगह में अधिक से अधिक परिवारों को बेहतर जीवनशैली प्रदान करना है। अधिकारियों का मानना है कि पुलिसकर्मी दिन-रात जनता की सुरक्षा में तैनात रहते हैं, ऐसे में उनके परिवारों को एक सुरक्षित और सुविधाजनक घर मिलना प्राथमिकता होनी चाहिए।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे नए आवास

प्रस्तावित स्मार्ट होम्स में केवल चारदीवारी नहीं होगी, बल्कि आधुनिक जीवनशैली की सभी जरूरतें पूरी की जाएंगी। नई इमारतों में लिफ्ट, 24 घंटे पानी की आपूर्ति और व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा होगी। इसके अलावा, परिसर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे इको-फ्रेंडली सिस्टम भी लगाए जाएंगे। बच्चों के खेलने के लिए पार्क और वरिष्ठ नागरिकों के लिए टहलने की जगह भी सुनिश्चित की जाएगी।

सुरक्षा के लिहाज से पूरी कॉलोनी को कवर्ड कैंपस के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रवेश द्वार पर सुरक्षा गार्ड के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क भी होगा। इससे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर निश्चिंत रह सकेंगे। कैंपस के भीतर ही कम्युनिटी हॉल जैसी सुविधाएं भी देने पर विचार किया जा रहा है, ताकि पुलिस परिवारों को छोटे-मोटे आयोजनों के लिए बाहर न भटकना पड़े।

जर्जर क्वार्टरों से मिलेगी मुक्ति

वर्तमान में उज्जैन पुलिस लाइन और अन्य थाना क्षेत्रों में बने पुलिस आवासों की स्थिति काफी दयनीय है। कई मकान अंग्रेजों के जमाने के बने हुए हैं या दशकों पुराने हैं। बारिश के दिनों में छतों से पानी टपकना और दीवारों में सीलन आना आम समस्या है। जगह की कमी के कारण पुलिसकर्मियों को अपने परिवारों के साथ छोटे कमरों में गुजारा करना पड़ता है।

पूर्व में भी पुलिस आवासों को लेकर कई बार मांग उठ चुकी है। पुराने संदर्भों को देखें तो, पुलिस विभाग द्वारा समय-समय पर मरम्मत कार्य कराए जाते रहे हैं, लेकिन यह समस्या का स्थाई समाधान नहीं था। अब हाउसिंग कॉर्पोरेशन ने पूरी तरह से नया निर्माण करने का निर्णय लिया है, जिससे आने वाले कई दशकों तक आवास की समस्या खत्म हो जाएगी।

विभाग की प्राथमिकता और भविष्य की योजना

मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन का लक्ष्य है कि प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में पुलिसकर्मियों को स्मार्ट आवास उपलब्ध कराए जाएं। उज्जैन का यह प्रोजेक्ट इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। अधिकारियों के मुताबिक, टेंडर प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक मंजूरियों के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी।

इस परियोजना के पूरा होने से न केवल पुलिसकर्मियों के जीवन स्तर में सुधार होगा, बल्कि उनका मनोबल भी बढ़ेगा। एक अच्छा और तनावमुक्त घरेलू वातावरण पुलिसकर्मियों को अपनी ड्यूटी और अधिक मुस्तैदी से करने में मदद करेगा। विभाग जल्द ही इस प्रोजेक्ट की विस्तृत समय-सीमा और बजट की घोषणा कर सकता है।