उज्जैन स्टेशन पर 31 ट्रेनों के प्लेटफॉर्म में बड़ा बदलाव, महाकाल दर्शन के लिए आने वाले यात्री होंगे प्रभावित

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन रेलवे स्टेशन पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। रेलवे प्रशासन ने 15 अक्टूबर से 31 ट्रेनों के प्लेटफॉर्म नंबरों में बदलाव कर दिया है। यह फैसला फतेहाबाद-उज्जैन रेल लाइन के दोहरीकरण और यार्ड रीमॉडलिंग के काम के कारण लिया गया है। इस बदलाव के चलते भगवान महाकाल के दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्टेशन पहुंचने पर अपनी ट्रेन की सही जानकारी के लिए डिस्प्ले बोर्ड और अनाउंसमेंट पर विशेष ध्यान दें ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

किन प्लेटफॉर्म्स पर हुआ है बदलाव?

जारी की गई नई व्यवस्था के तहत, अब तक प्लेटफॉर्म नंबर एक से चलने वाली गाड़ियां प्लेटफॉर्म नंबर दो या तीन से रवाना होंगी। इसी तरह, जो ट्रेनें प्लेटफॉर्म दो और तीन पर आती थीं, वे अब प्लेटफॉर्म नंबर चार और पांच पर आएंगी। प्लेटफॉर्म चार और पांच पर संचालित होने वाली ट्रेनों को प्लेटफॉर्म नंबर छह पर शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर आने वाली ट्रेनों का संचालन अब प्लेटफॉर्म नंबर सात से किया जाएगा।

महाकाल दर्शनार्थियों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

उज्जैन एक विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी है, जहां रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु महाकाल के दर्शन करने आते हैं। ट्रेनों के प्लेटफॉर्म में हुए इस बड़े फेरबदल का सबसे अधिक असर इन्हीं श्रद्धालुओं पर पड़ने की आशंका है। जानकारी के अभाव में उन्हें अपनी ट्रेन ढूंढने में मुश्किल हो सकती है, जिससे उनकी ट्रेन छूटने का भी खतरा बना रहेगा। यह बदलाव इंदौर, नागदा, रतलाम, भोपाल और देवास जैसे प्रमुख शहरों से आने-जाने वाली ट्रेनों पर लागू होगा।

यात्रा से पहले जानकारी जुटा लें

रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले रेलवे की हेल्पलाइन 139 पर कॉल करके या NTES जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी ट्रेन के सही प्लेटफॉर्म की पुष्टि कर लें। अधिकारियों का कहना है कि यह एक अस्थायी व्यवस्था है और निर्माण कार्य पूरा होते ही ट्रेनों का संचालन पहले की तरह सामान्य कर दिया जाएगा।