Ujjain:कनाडा के फोर्ट सेंट जॉन शहर में नस्लीय हिंसा और क्रूरता का शिकार हुए उज्जैन के होनहार छात्र गुरकीरत सिंह मनोचा का शुक्रवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। चक्रतीर्थ श्मशान घाट स्थित विद्युत शवदाह गृह में सिख रीति-रिवाज के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
सीएम और जनप्रतिनिधियों ने बंधाया ढांढस
इससे पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सांसद अनिल फिरोजिया और राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने गुरकीरत के निवास पर पहुंचकर पार्थिव देह पर पुष्प अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार से चर्चा कर उन्हें इस कठिन समय में संबल प्रदान किया।
भावुक कर देने वाला था माहौल
करीब 21 दिनों के लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार सुबह 9 बजे जब एम्बुलेंस गुरकीरत का शव लेकर घर पहुंची, तो माता-पिता का धैर्य जवाब दे गया। रोते-बिलखते परिजनों को संभालना मुश्किल हो रहा था।
अंतिम यात्रा: घर से शुरू हुई अंतिम यात्रा पहले गुरुद्वारे पहुंची, जहां ‘अंतिम अरदास’ की गई।
शोक की लहर: अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग, स्थानीय नागरिक और परिचित शामिल हुए।
क्या थी पूरी घटना?
सूत्रो के अनुसार बताया जा रहा है कि उज्जैन का रहने वाला गुरकीरत सिंह कनाडा में पढ़ाई कर रहा था। 14 मार्च को फोर्ट सेंट जॉन में करीब 10-12 युवकों ने पहले उसके साथ मारपीट की और फिर बेरहमी से उसके ऊपर गाड़ी चढ़ा दी।
गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। कानूनी और दस्तावेजी प्रक्रियाओं के कारण शव को भारत लाने में तीन सप्ताह का समय लगा। गुरुवार रात शव अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंचा था, जहां से सड़क मार्ग द्वारा इसे उज्जैन लाया गया।