महाकाल की नगरी उज्जैन को मिली विकास की बड़ी सौगात, 129 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन आने वाले श्रद्धालु केवल पर्यटक या मेहमान नहीं, बल्कि स्वयं बाबा महाकाल के आमंत्रित अतिथि हैं। बीते कुछ ही दिनों में पाँच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने महाकाल के दर्शन किए हैं, जो उज्जैन की आध्यात्मिक शक्ति और आस्था का प्रमाण है। ऐसे में श्रद्धालुओं के स्वागत, सुविधा और व्यवस्थाओं में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संवेदना और अपनत्व भी झलकना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से उज्जैन न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बना हुआ है। उज्जैनवासियों का सहयोग ही सच्चे अर्थों में महाकाल की सेवा है। सरकार, प्रशासन और समाज मिलकर सिंहस्थ-2028 को भव्य, दिव्य, अनुशासित, सुरक्षित और ऐतिहासिक बनाने के लिए संकल्पित हैं।

129 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन के नानाखेड़ा स्टेडियम में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने करीब 129 करोड़ रुपये की लागत से 12 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। साथ ही उज्जैन के युवाओं को केंद्र में रखकर तैयार की गई तीन महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ भी किया गया, जिनका उद्देश्य युवाओं को आधुनिक कौशल और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।

युवाओं के लिए तीन नई पहलें: शिक्षा से रोजगार तक

मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट स्वाध्याय (Coding for All) का शुभारंभ करते हुए कहा कि इसके माध्यम से विद्यार्थियों को कम उम्र से ही कोडिंग और डिजिटल सोच से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही UtkarshUjjain.com वेब पोर्टल लॉन्च किया गया, जो युवाओं के लिए सीखने, मार्गदर्शन और अवसरों का एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म बनेगा। इसके अलावा कौशल सेतु इंडस्ट्री-लीड स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम की शुरुआत की गई, जो शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को कम करते हुए युवाओं को व्यावहारिक रूप से जॉब-रेडी बनाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पहलें युवाओं को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखेंगी, बल्कि उन्हें स्टार्टअप-रेडी और फ्यूचर-रेडी भी बनाएंगी।

शहर के विकास को नई गति, सड़कों से गौशाला तक

मुख्यमंत्री ने उज्जैन शहरी क्षेत्र में 124 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 11 विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इनमें लगभग 102 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का चौड़ीकरण, 9.50 करोड़ रुपये से कपिला गौशाला का विकास (3000 गौ-वंश क्षमता), 8.75 करोड़ रुपये से पंवासा क्षेत्र में ईडब्ल्यूएस कॉलोनी का विकास, 3.47 करोड़ रुपये से कानीपुरा में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण और करीब 5 करोड़ रुपये से नवीन जनपद पंचायत भवन का निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके अलावा 45 करोड़ रुपये के अन्य कार्य भी प्रगति पर हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पुराने हॉकी स्टेडियम में आधुनिक एस्ट्रोटर्फ लगाया जाएगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी मैच आयोजित किए जा सकेंगे।

नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले युवा तैयार होंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। सीखो-कमाओ योजना, स्किल इंडिया मिशन और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम जैसी योजनाएं युवाओं को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर रही हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने भविष्य को मजबूत बनाएं।

सिंहस्थ-2028 की तैयारियां: भव्यता और व्यवस्थाओं पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसमें धर्म, संस्कृति, आध्यात्म और पर्यटन का अद्भुत संगम होता है। सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 2675 करोड़ रुपये की लागत से 33 प्रमुख कार्यों को स्वीकृति दी है, जिन पर काम शुरू हो चुका है। लक्ष्य है कि 30 किलोमीटर लंबे घाटों पर 24 घंटे में 5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु शिप्रा के शुद्ध जल में स्नान और आचमन कर सकें। भीड़ प्रबंधन के लिए फोरलेन और सिक्सलेन मार्गों से निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही है। उज्जैन को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा रहा है और मेडिसिटी का निर्माण भी प्रगति पर है।

रेल, मेट्रो और एयरपोर्ट से मजबूत होगी कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रोजेक्ट स्वाध्याय के तहत निनौरा में 3 हजार युवाओं और मक्सी के पास 2 हजार युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्र शुरू किए गए हैं। इंदौर-उज्जैन के बीच भविष्य में मेट्रो सेवा शुरू होगी, उससे पहले वंदे भारत मेट्रो ट्रेन की सुविधा दी जाएगी। चिंतामण गणेश स्टेशन को मुख्य स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है, वहीं मोहनपुरा में नया रेलवे स्टेशन बनेगा। उज्जैन के पास एक बड़े एयरपोर्ट का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे श्रद्धालु सीधे उज्जैन पहुंच सकेंगे।

शनि लोक, फोरलेन और मेट्रोपॉलिटन एरिया की योजना

मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन में शनि लोक का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए 140 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह परियोजना धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। शहर को चारों दिशाओं में जोड़ने के लिए फोरलेन सड़कों और 12-13 नए पुलों का निर्माण किया जा रहा है। उज्जैन को इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया का हिस्सा बनाया जाएगा, जो लगभग 14 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित होगा और दिल्ली के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र होगा।

महाकाल लोक और क्षिप्रा से जुड़ी ऐतिहासिक उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उज्जैन में बना महाकाल लोक देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुका है। 1980 के बाद पहली बार सिंहस्थ में क्षिप्रा के जल से स्नान होगा, जो अपने आप में ऐतिहासिक है। कान्ह नदी परियोजना के माध्यम से उज्जैन को शुद्ध जल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि उज्जैन का हर युग में विशेष महत्व रहा है और यहां होने वाले सभी विकास कार्य बाबा महाकाल की कृपा से ही पूर्ण हो रहे हैं।

जनसहयोग से बनेगा सिंहस्थ यादगार

मुख्यमंत्री ने उज्जैनवासियों से अपील की कि वे सिंहस्थ के दौरान देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं की खुले दिल से मदद करें। उन्होंने प्रशासन को स्वयंसेवकों की सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने वैदिक घड़ी, जूना महाकाल, शनि लोक और विरासत संरक्षण से जुड़े कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास के साथ संस्कृति और परंपरा का संरक्षण भी सरकार की प्राथमिकता है।

जनप्रतिनिधियों ने सराहा विकास का विजन

कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन की दशा और दिशा लगातार बदल रही है। उन्होंने बताया कि जिले के गांव-गांव तक चौड़ी सड़कें बन रही हैं, किसानों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है और लाड़ली बहनों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य उमेश नाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक सतीश मालवीय, विधायक जितेंद्र पंड्या, महापौर मुकेश टटवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।