उज्जैन में अनोखी पहल: ट्रैफिक नियम तोड़ने पर पुलिस दे रही तुलसी का पौधा, बकाया चालान घर से वसूलेंगे

Ujjain News : मध्य प्रदेश के उज्जैन में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों को सबक सिखाने के लिए पुलिस ने एक अनूठा तरीका अपनाया है। शुक्रवार से शहर में शुरू हुए एक विशेष अभियान के तहत नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों का चालान काटने की बजाय उन्हें तुलसी का पौधा भेंट किया जा रहा है।

स्मार्ट सिटी और यातायात विभाग की इस संयुक्त पहल का मकसद लोगों को गांधीगिरी के जरिए उनकी गलती का अहसास कराना है।

यह एक महीने तक चलने वाला जागरूकता अभियान चामुंडा माता मंदिर चौराहे से शुरू किया गया। अभियान का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि लोगों में स्थायी रूप से यातायात नियमों के पालन की आदत डालना है। इसके अलावा, प्रशासन ने अब पुराने बकाया ई-चालान की वसूली के लिए भी सख्ती बरतने का फैसला किया है।

नियम तोड़ो, पौधा घर ले जाओ

अभियान के पहले दिन चामुंडा माता मंदिर चौराहे पर तैनात टीम ने बिना हेलमेट, सीट बेल्ट या रेड लाइट जंप करने वाले कई वाहन चालकों को रोका। उन्हें सजा देने के बजाय एक तुलसी का पौधा दिया गया और समझाया गया कि जब भी वे घर पर इस पौधे को देखेंगे या उसमें पानी डालेंगे, तो उन्हें अपनी गलती याद आएगी।

अधिकारियों का मानना है कि यह तरीका चालान से ज्यादा कारगर साबित हो सकता है। साथ ही, लोगों को हेलमेट पहनने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए स्मार्ट सिटी द्वारा 15% की छूट पर हेलमेट भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

शहर के मुख्य चौराहों पर चलेगा अभियान

स्मार्ट सिटी के सीईओ संदीप शिवा ने बताया कि यह अभियान पूरे एक महीने तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में चलाया जाएगा।

“हमारा मकसद लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित यात्रा के लिए जागरूक करना है। चामुंडा माता मंदिर चौराहे के बाद यह अभियान तीन बत्ती, इंजीनियरिंग कॉलेज, नानाखेड़ा और कोयला फाटक जैसे अन्य व्यस्त चौराहों पर भी जारी रहेगा।” — संदीप शिवा, सीईओ, स्मार्ट सिटी

इस दौरान लोगों को लाल बत्ती पर रुकने, जेब्रा लाइन का सम्मान करने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने जैसे जरूरी नियमों की भी जानकारी दी जा रही है।

बकाया चालान के लिए पुलिस जाएगी घर

जागरूकता के साथ-साथ प्रशासन अब वसूली पर भी सख्त हो गया है। स्मार्ट सिटी द्वारा पहले भेजे गए हजारों ई-चालान का भुगतान लोगों ने अब तक नहीं किया है। संदेशों के माध्यम से सूचना देने के बाद भी जब लोगों ने चालान नहीं भरा, तो अब पुलिस ने घर-घर जाकर वसूली करने की योजना बनाई है। इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो जल्द ही बकायादारों के पते पर पहुंचकर कार्रवाई करेंगी।