उज्जैन/इंदौर: उज्जैन में आयोजित ‘विक्रमोत्सव’ के अंतर्गत चल रहा व्यापार मेला इन दिनों वाहन खरीदारों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ग्वालियर मेले की तर्ज पर यहाँ भी परिवहन विभाग द्वारा नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन (टैक्स) पर 50 प्रतिशत की भारी छूट दी जा रही है। इस छूट का लाभ उठाने के लिए न केवल स्थानीय बल्कि इंदौर और आसपास के जिलों के लोग भी बड़ी संख्या में उज्जैन पहुँच रहे हैं।
नवरात्रि तक मेला बढ़ाने की मांग
वर्तमान योजना के अनुसार, यह मेला 15 फरवरी से शुरू हुआ था और 19 मार्च को समाप्त होने वाला है। हालाकि, ऑटोमोबाइल डीलर्स ने अब इस अवधि को 26 मार्च (रामनवमी) तक बढ़ाने की मांग की है। डीलर्स का तर्क है कि होली से पहले ‘होलाष्टक’ लगने के कारण लोग शुभ कार्यों और खरीदारी से बचते हैं, जिससे बिक्री पर असर पड़ा है।
19 मार्च से चैत्र नवरात्रि शुरू हो रही है, जो खरीदारी के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। ऐसे में यदि मेले की अवधि बढ़ती है, तो आम जनता को टैक्स छूट का लाभ मिलेगा और सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
इंदौर के शोरूम्स पर सन्नाटा, उज्जैन में रौनक
मेले के कारण इंदौर का ऑटोमोबाइल बाजार काफी प्रभावित हुआ है। टैक्स में बचत के चक्कर में इंदौर के ग्राहक उज्जैन का रुख कर रहे हैं। रोचक तथ्य यह है कि उज्जैन मेले में अधिकतर स्टॉल इंदौर के डीलर्स ने ही लगाए हैं। कुछ डीलर्स तो इंदौर स्थित अपने शोरूम से ही गाड़ियाँ बेच रहे हैं, लेकिन उनका रजिस्ट्रेशन उज्जैन आरटीओ के माध्यम से कराया जा रहा है ताकि ग्राहकों को छूट मिल सके।
मुख्य बिंदु: एक नज़र में
राजस्व का गणित: जहाँ उज्जैन आरटीओ के खजाने में बढ़ोतरी हो रही है, वहीं इंदौर आरटीओ को बड़े राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
डीलर्स की सक्रियता: ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के सदस्य जल्द ही इस मांग को लेकर परिवहन मंत्री और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सकते हैं।
पिछला रिकॉर्ड: जनता की बढ़ती मांग और सुविधा को देखते हुए शासन पूर्व में भी मेले की अवधि बढ़ाता रहा है।
यदि शासन इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो नवरात्रि और रामनवमी के शुभ अवसर पर प्रदेश में वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री होने की उम्मीद है।