विक्रमोत्सव का आज से उज्जैन में शुभारंभ, सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे उद्घाटन, संगीतकार प्रीतम की प्रस्तुति रहेगी आकर्षण

मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर उज्जैन में आज से विक्रमोत्सव की शुरुआत हो रही है। इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। उत्सव के पहले दिन बॉलीवुड के प्रसिद्ध संगीतकार और गायक प्रीतम अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।

विक्रमोत्सव की परंपरा और महत्व

विक्रमोत्सव उज्जैन की सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख उत्सव माना जाता है। यह आयोजन राजा विक्रमादित्य की स्मृति में हर वर्ष मनाया जाता है। इस उत्सव में कला, संस्कृति और संगीत का अनूठा संगम देखने को मिलता है। उज्जैन की पहचान प्राचीन काल से विद्या और संस्कृति के केंद्र के रूप में रही है। विक्रमोत्सव इसी गौरवशाली परंपरा को जीवंत रखने का माध्यम है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उद्घाटन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस वर्ष विक्रमोत्सव का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। यह उनके लिए भी विशेष अवसर है क्योंकि उज्जैन उनका अपना क्षेत्र रहा है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति से इस आयोजन को विशेष राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व मिला है। प्रशासन ने उद्घाटन समारोह के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

प्रीतम की संगीत प्रस्तुति होगी आकर्षण का केंद्र

बॉलीवुड के चर्चित संगीतकार प्रीतम इस उत्सव में अपनी लाइव प्रस्तुति देंगे। प्रीतम ने कई सुपरहिट फिल्मों में संगीत दिया है। उनकी प्रस्तुति से उज्जैन के लोगों में गजब का उत्साह है। यह पहली बार नहीं है जब विक्रमोत्सव में किसी बड़े कलाकार को बुलाया गया हो। हर वर्ष इस उत्सव में राष्ट्रीय स्तर के कलाकार शिरकत करते हैं।

तैयारियां जोरों पर

विक्रमोत्सव के लिए उज्जैन शहर को सजाया गया है। प्रमुख चौराहों और रास्तों पर रोशनी की गई है। स्थानीय प्रशासन ने यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की है। उत्सव में हस्तशिल्प, लोक कला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित होगी। स्थानीय कलाकारों को भी मंच दिया जाएगा।

इस दौरान शहर में बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने की उम्मीद है। होटल और गेस्टहाउस पहले से बुक हो रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों में भी उत्साह है क्योंकि उत्सव के दौरान व्यापार में तेजी आती है।

सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण

विक्रमोत्सव केवल मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं है। यह उज्जैन की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास भी है। राजा विक्रमादित्य के शासनकाल को भारतीय इतिहास का स्वर्णिम काल माना जाता है। उनके न्यायप्रिय शासन और विद्वानों के संरक्षण की कथाएं आज भी प्रेरणादायक हैं। विक्रमोत्सव इन्हीं मूल्यों को याद करने का अवसर है।

मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में विक्रमोत्सव को और भव्य बनाने के प्रयास किए हैं। इस बार भी आयोजन का स्तर पहले से बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी और प्रीतम जैसे कलाकारों की प्रस्तुति इसे खास बनाएगी।