उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेले में पहले दिन 501 वाहन बिके: 18 मार्च तक 50% टैक्स छूट

Ujjain News: उज्जैन में विक्रमोत्सव के तहत आयोजित व्यापार मेले में पहले ही दिन 501 वाहनों की बिक्री दर्ज की गई। मेला 15 फरवरी 2026 से शुरू होकर 18 मार्च 2026 तक इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में चलेगा। इस दौरान वाहन रजिस्ट्रेशन पर मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत छूट मिलने से खरीदारों की भीड़ पहले दिन से ही दिखाई दी।

मेले का शुभारंभ रविवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया था। इसके बाद सोमवार को बड़ी संख्या में लोग वाहन खरीदने पहुंचे। बिक्री के बाद पंजीयन केंद्रों पर भी कतारें लगी रहीं। प्रशासन के अनुसार पहले दिन के आंकड़ों में दोपहिया, चारपहिया और अन्य वाहनों की श्रेणियों में संतुलित खरीद देखी गई।
पहले दिन की बिक्री का पूरा ब्योरा
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक पहले दिन 136 दोपहिया वाहन बिके। चारपहिया वाहनों की संख्या 340 रही। इसके अलावा 25 अन्य वाहन भी मेले में विक्रय हुए। इस तरह कुल 501 वाहन बिक्री के बाद रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में पहुंचे।
मेला प्रबंधन का कहना है कि 50 प्रतिशत कर छूट का सीधा असर मांग पर दिख रहा है। कई खरीदारों ने छूट अवधि के भीतर वाहन बुकिंग को प्राथमिकता दी। खासतौर पर निजी उपयोग वाले वाहनों की पूछताछ अधिक दर्ज की गई।
किन वाहनों पर लागू है 50% छूट
राज्य शासन की ओर से मेले की अवधि 15.02.2026 से 18.03.2026 तक गैर-परिवहन श्रेणी के कुछ वाहनों पर मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट दी गई है। इसमें मोटर साइकिल, मोटर कार, ओमनी बस और हल्के परिवहन वाहन शामिल बताए गए हैं। छूट का लाभ उन्हीं वाहनों पर लागू है जो मेले की निर्धारित अवधि में विक्रय और पंजीयन प्रक्रिया में आते हैं।
व्यापार मेले के आयोजकों का अनुमान है कि इस वर्ष कुल 40 हजार वाहनों की बिक्री संभव है। पहले दिन के आंकड़े इस अनुमान को समर्थन देते दिखे हैं। आने वाले सप्ताहांत और त्योहारों के आसपास बिक्री और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
पिछले दो वर्षों का रिकॉर्ड
उज्जैनी विक्रमोत्सव व्यापार मेला लगातार तीसरे वर्ष आयोजित हो रहा है। पिछले दो संस्करणों के आंकड़े बताते हैं कि मेले में बिक्री का दायरा हर साल बढ़ा है। वर्ष 2024 में कुल 23,705 वाहनों की बिक्री हुई थी। इनमें 5,797 दोपहिया और 17,908 चारपहिया वाहन शामिल रहे। उस वर्ष सरकार को 122.11 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ था।
वर्ष 2025 में कुल बिक्री 36,225 तक पहुंच गई। इसमें 7,772 दोपहिया और 28,451 चारपहिया वाहन बिके। उस साल प्राप्त राजस्व 186.58 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस तरह 2024 और 2025 को मिलाकर कुल 59,930 वाहनों की बिक्री हुई और सरकार को करीब 308 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व मिला।
इसी पृष्ठभूमि में इस वर्ष का लक्ष्य ऊंचा रखा गया है। पहले दिन की 501 वाहनों की बिक्री को शुरुआती संकेत माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि छूट अवधि के अंतिम चरण तक कुल बिक्री कितनी पहुंचती है और राजस्व संग्रह किस स्तर तक जाता है।