केंद्र सरकार ने अपने नए बजट में म्युनिसिपल बॉन्ड को बड़ा प्रोत्साहन दिया है। सरकार ने घोषणा की है कि 1000 करोड़ रुपए का म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने पर 100 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह फैसला देश के नगरीय निकायों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
खास बात यह है कि म्युनिसिपल बॉन्ड की अवधारणा सबसे पहले इंदौर से शुरू हुई थी। अब केंद्र सरकार ने इस मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने का निर्णय लिया है।
इंदौर की अग्रणी भूमिका
इंदौर ने देश को स्वच्छता का संदेश दिया। शहर ने बताया कि नगरीय सफाई कैसे बेहतर तरीके से की जा सकती है। स्वच्छता के बाद अब म्युनिसिपल बॉन्ड के क्षेत्र में भी इंदौर ने नई राह दिखाई है।
इंदौर में इस अवधारणा की शुरुआत तत्कालीन नगर निगम आयुक्त आशीष सिंह के कार्यकाल में हुई। उस समय जलूद में पंपिंग स्टेशन के लिए सोलर प्लांट स्थापित करना था। इसके लिए लगभग 400 करोड़ रुपए की जरूरत थी।
ग्रीन मसाला बॉन्ड की अवधारणा
आशीष सिंह ने इस चुनौती का समाधान खोजते हुए ग्रीन मसाला बॉन्ड का कॉन्सेप्ट तैयार किया। यह एक नवाचारी वित्तीय उपकरण था। हालांकि उस समय यह योजना पूर्ण रूप से साकार नहीं हो सकी।
बाद में निगम आयुक्त प्रतिभा पाल ने इस योजना को मूर्त रूप दिया। शेयर मार्केट ने इसके नाम में बदलाव किया। अंततः इसे ग्रीन बॉन्ड के नाम से जारी करने की स्वीकृति मिली।
नगरीय निकायों को मिलेगा लाभ
केंद्र सरकार के इस फैसले से देशभर के नगरीय निकायों को फायदा होगा। अब शहरी निकाय अपने विभिन्न प्रोजेक्ट्स के लिए आसानी से धन जुटा सकेंगे। बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी आएगी।
म्युनिसिपल बॉन्ड के जरिए निकाय सीधे बाजार से पूंजी जुटा सकते हैं। इससे सरकारी अनुदान पर निर्भरता कम होगी। वित्तीय स्वायत्तता बढ़ेगी।
प्रोत्साहन योजना का महत्व
सरकार की नई प्रोत्साहन योजना काफी आकर्षक है। 1000 करोड़ के बॉन्ड पर 100 करोड़ का प्रोत्साहन मिलेगा। यह 10 प्रतिशत का प्रोत्साहन है।
इससे नगर निगमों को बॉन्ड जारी करने में रुचि बढ़ेगी। निवेशकों का भी भरोसा बढ़ेगा। शहरी विकास की गति तेज होगी।
इंदौर का योगदान
इंदौर ने एक बार फिर साबित किया कि नवाचार से बड़े बदलाव संभव हैं। स्वच्छता में नंबर वन बनने के बाद अब वित्तीय नवाचार में भी शहर ने मिसाल कायम की है।
आशीष सिंह की सोच आज राष्ट्रीय नीति का हिस्सा बन गई है। यह स्थानीय नवाचार का राष्ट्रीय स्वीकृति पाने का उदाहरण है।
आगे की राह
अब देखना होगा कि अन्य शहर इस अवसर का कैसे लाभ उठाते हैं। म्युनिसिपल बॉन्ड से शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार की उम्मीद है। जल आपूर्ति, सड़क और स्वच्छता परियोजनाओं को गति मिलेगी।
केंद्र सरकार का यह कदम शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण है। नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।