नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया, जिसमें देश के रक्षा क्षेत्र और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर बड़ा जोर दिया गया है। इस बजट में जहां एक ओर रक्षा खर्च में करीब 15% की भारी बढ़ोतरी की गई है, वहीं देश में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया गया है। हालांकि, नौकरीपेशा और मध्य वर्ग को इस बार भी इनकम टैक्स स्लैब में कोई राहत नहीं मिली है।
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि सरकार तीन प्रमुख कर्तव्यों पर ध्यान केंद्रित कर रही है- आर्थिक विकास को बनाए रखना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के साथ सभी को समान अवसर सुनिश्चित करना। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार ने इस बजट में लोकलुभावन वादों से दूरी बनाते हुए दीर्घकालिक आर्थिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया है।
रक्षा और आधुनिकीकरण पर बड़ा जोर
पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद के हालातों को देखते हुए सरकार ने रक्षा बजट में बड़ी वृद्धि की है। पिछले साल के 6.81 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले इसे 15% बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, हथियारों की खरीद और सेना के आधुनिकीकरण पर होने वाले पूंजीगत खर्च को 1.80 लाख करोड़ से बढ़ाकर 2.19 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जो सीधे तौर पर 22% की बढ़ोतरी है।
देश में दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, 7 नए कॉरिडोर
बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को गति देने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है, जो देश के प्रमुख शहरों को जोड़ेंगे। इन कॉरिडोर में शामिल हैं:
- मुंबई – पुणे
- पुणे – हैदराबाद
- हैदराबाद – बेंगलुरु
- हैदराबाद – चेन्नई
- चेन्नई – बेंगलुरु
- दिल्ली – वाराणसी
- वाराणसी – सिलीगुड़ी
मैन्युफैक्चरिंग और MSME पर फोकस
इस बजट की एक खास बात सर्विस सेक्टर से मैन्युफैक्चरिंग की ओर सरकार का बढ़ता रुझान है। वैश्विक व्यापारिक चुनौतियों को देखते हुए आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसके तहत बैटरी बनाने वाली मशीनों पर टैक्स छूट बढ़ाई गई है और लेबर-इंटेंसिव टेक्सटाइल सेक्टर के लिए एक मजबूत नीति लाने की बात कही गई है। साथ ही, खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल’ भी शुरू की जाएगी।
पर्यटन, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण
सरकार ने पर्यटन और धार्मिक पर्यटन से आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पूर्वोत्तर के 5 राज्यों में बौद्ध सर्किट बनाने के लिए ‘पूर्वोदय स्कीम’ शुरू की जाएगी। साथ ही, 20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइड्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए देश के 800 जिलों में लड़कियों के लिए एक-एक हॉस्टल बनाने की घोषणा की गई है। इसके अलावा, भारतीय योग और आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए क्वालिटी आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित किया जाएगा।
मध्य प्रदेश को मिलीं कई सौगातें
केंद्रीय बजट में मध्य प्रदेश के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं को पहली बार केंद्रीय बजट में समर्पित आवंटन मिला है, जिससे इन परियोजनाओं में तेजी आएगी। धार जिले में स्थित पीएम मित्र पार्क को पूर्ण निवेश मिल चुका है, जिससे करीब 3 लाख रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। भोपाल में ₹1,000 करोड़ की लागत से एक अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर और आदिवासी क्षेत्रों में खेल हब स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, राज्य के नौ टाइगर रिजर्व के बफर जोन के विकास के लिए ₹390 करोड़ की योजना को मंजूरी दी गई है।
बजट का बाजार पर असर: सोना-चांदी धड़ाम
बजट पेश होने के तुरंत बाद कमोडिटी बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिली। सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई और दोनों ही एमसीएक्स पर लोअर सर्किट तक पहुंच गए। सोने और चांदी के भाव में ₹9,000 से ₹26,000 तक की बड़ी गिरावट आई, जो निवेशकों के लिए एक बड़ा झटका था।