वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद में आम बजट पेश करेंगी। इस बजट को लेकर देशभर के नागरिकों, खासकर टैक्सपेयर्स, किसानों और नौकरीपेशा वर्ग में काफी उम्मीदें हैं। पिछले साल के बजट में सरकार ने 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री कर बड़ी राहत दी थी। इसी वजह से इस बार भी माना जा रहा है कि केंद्र सरकार टैक्स से जुड़े मोर्चे पर कोई बड़ा ऐलान कर सकती है, जिससे मध्यम वर्ग को सीधा फायदा मिले।
किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ने की उम्मीद
इस बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली राशि में इजाफा किया जा सकता है। फिलहाल किसानों को सालाना 6 हजार रुपये मिलते हैं, जिसे बढ़ाकर 9 हजार रुपये किए जाने की संभावना जताई जा रही है। पिछले तीन वर्षों से इस राशि को बढ़ाने की चर्चा चल रही है, लेकिन 2019 में योजना शुरू होने के बाद से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ। दिसंबर 2024 में संसदीय स्थायी समिति ने इस राशि को बढ़ाकर 12 हजार रुपये सालाना करने की सिफारिश भी की थी।
किसान संगठनों का कहना है कि महंगाई बढ़ने के कारण 2019 में मिलने वाले 6 हजार रुपये की वास्तविक कीमत अब करीब 5 हजार रुपये के बराबर रह गई है। इसी आधार पर किसान संगठन मांग कर रहे हैं कि यह राशि कम से कम 8 हजार से 12 हजार रुपये के बीच होनी चाहिए। नवंबर 2025 में बिहार सरकार ने किसानों को 3 हजार रुपये अतिरिक्त देने का ऐलान किया था, जिससे वहां किसानों को कुल 9 हजार रुपये सालाना मिलने लगे। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि केंद्र सरकार भी पूरे देश में इसी तर्ज पर राशि बढ़ाने का फैसला कर सकती है।
वर्तमान में देशभर में लगभग 11 करोड़ किसान पीएम-किसान योजना का लाभ ले रहे हैं। केंद्र सरकार इस योजना पर हर साल करीब 60 से 65 हजार करोड़ रुपये खर्च करती है। अगर राशि को बढ़ाकर 9 हजार रुपये सालाना किया जाता है, तो यह खर्च बढ़कर लगभग 95 हजार करोड़ रुपये सालाना हो जाएगा। इसके बावजूद सरकार को उम्मीद है कि इससे करोड़ों किसानों की आय में सुधार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
रेलवे को लेकर बड़े ऐलान की संभावना
आम बजट में रेलवे के लिए भी बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। सरकार का फोकस ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट की समस्या को खत्म करने पर है। इसी दिशा में बजट 2026 में 300 से ज्यादा नई अमृत भारत और वंदे भारत ट्रेनों के संचालन का ऐलान किया जा सकता है। पिछले बजट में रेलवे को 2.65 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड फंड दिया गया था, जो अब तक का सबसे बड़ा रेल बजट रहा है। इस बार भी रेलवे के बजट में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार का लक्ष्य है कि साल 2030 तक ट्रेन रिजर्वेशन में वेटिंग लिस्ट की समस्या को पूरी तरह खत्म कर दिया जाए। फिलहाल पीक सीजन के दौरान यात्रियों की मांग और सीटों की उपलब्धता में करीब 20 से 25 प्रतिशत का अंतर रहता है। इस अंतर को कम करने के लिए न सिर्फ नई ट्रेनें चलाई जाएंगी, बल्कि रेलवे ट्रैक के विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर दिया जाएगा। इससे रोजाना ट्रेन से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है।
इनकम टैक्स में और राहत की आस
इनकम टैक्स को लेकर भी बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। नई टैक्स रिजीम के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो सैलरी पाने वाले लोगों की 13 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री हो जाएगी। फिलहाल नई टैक्स रिजीम में 12.75 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स नहीं लगता है।
उद्योग संगठन कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) ने सरकार को सुझाव दिया है कि देश में खपत बढ़ाने के लिए लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा छोड़ा जाना जरूरी है। टैक्स छूट बढ़ने से आम लोगों की क्रय शक्ति यानी पर्चेजिंग पावर बढ़ेगी, जिसका सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। सरकार भी धीरे-धीरे पुरानी टैक्स रिजीम को खत्म कर नई टैक्स रिजीम को ज्यादा आकर्षक बनाना चाहती है। इसी रणनीति के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं, जिससे इकोनॉमी को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।