अमेरिका-ईरान युद्ध से सराफा बाजार में खलबली: सोना ₹1.66 लाख के पार, चांदी में भी भारी उछाल

मध्य पूर्व में गहराते युद्ध के संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ भारतीय सराफा बाजार में भी खलबली मचा दी है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की मांग चरम पर पहुंच गई है। आज यानी 2 मार्च को घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में ₹7,000 प्रति 10 ग्राम की ऐतिहासिक बढ़त दर्ज की गई है।
आसमान छूते दाम: एक नजर में
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बाजार में आई इस तेजी के बाद कीमतों की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
  • सोना (24 कैरेट): ₹1.59 लाख से बढ़कर ₹1.66 लाख प्रति 10 ग्राम हो गया है।
  • चांदी: ₹20,000 की भारी छलांग के साथ ₹2.87 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई है।
कीमतें बढ़ने के 3 बड़े कारण
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में इस बेतहाशा वृद्धि के पीछे मुख्य रूप से तीन अंतरराष्ट्रीय कारक जिम्मेदार हैं:
  1. वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान जंग और रूस-यूक्रेन के बीच शांति वार्ता विफल होने से दुनिया भर के निवेशकों में डर का माहौल है। अनिश्चितता के समय में निवेशक शेयर बाजार के बजाय गोल्ड को सबसे सुरक्षित मानते हैं।
  2. अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेत: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती के संकेतों ने भी सोने की चमक बढ़ाई है। आमतौर पर ब्याज दरें घटने पर सोने की मांग और कीमत दोनों बढ़ जाती हैं।
  3. निचले स्तर पर खरीदारी: पिछले कुछ दिनों की गिरावट के बाद कीमतें आकर्षक स्तर पर थीं, जिससे बड़े ज्वेलर्स और निवेशकों ने भारी मात्रा में ‘वैल्यू बाइंग’ शुरू कर दी।
आगे क्या?
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के अनुसार, यह तो बस शुरुआत है। आने वाले समय में सोना ₹1.90 लाख और चांदी ₹3.50 लाख के स्तर को छू सकती है। इस साल अब तक सोना ₹33,000 और चांदी ₹56,000 से अधिक महंगी हो चुकी है। युद्ध की स्थिति अगर और बिगड़ती है, तो आम आदमी के लिए जेवर खरीदना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।