वास्तु शास्त्र: ये 5 आदतें बनती हैं धन हानि का कारण, तुरंत नहीं सुधारा तो घर में छा जाएगी कंगाली

वास्तु शास्त्र में घर की दिशाओं और निर्माण के साथ-साथ व्यक्ति की दिनचर्या और आदतों को भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। कई बार अनजाने में की गई छोटी-छोटी गलतियां घर की बरकत को रोक देती हैं। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, हमारी कुछ आदतें सीधे तौर पर धन हानि और दरिद्रता का कारण बनती हैं। यदि समय रहते इन आदतों में सुधार न किया जाए, तो व्यक्ति को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।

वास्तु शास्त्र में ऊर्जा के प्रवाह पर विशेष जोर दिया गया है। सकारात्मक ऊर्जा जहां सुख-समृद्धि लाती है, वहीं नकारात्मक ऊर्जा कलह और कंगाली का कारण बनती है। यहां उन प्रमुख आदतों के बारे में बताया जा रहा है जिन्हें तुरंत छोड़ देने की सलाह दी जाती है।

बिस्तर पर भोजन करने की आदत

अक्सर लोग आराम के चक्कर में बिस्तर पर बैठकर ही भोजन कर लेते हैं। वास्तु के अनुसार, यह आदत अत्यंत अशुभ मानी गई है। बिस्तर सोने और आराम करने की जगह है, जबकि भोजन अन्नपूर्णा का स्वरूप है। बिस्तर पर खाना खाने से न केवल राहु ग्रह कमजोर होता है, बल्कि घर में दरिद्रता भी आती है। इससे रात को बुरे सपने आने की समस्या भी हो सकती है और घर की सुख-शांति भंग होती है।

सूर्यास्त के बाद घर की सफाई

भारतीय परंपरा और वास्तु शास्त्र, दोनों में ही सूर्यास्त के बाद घर में झाड़ू-पोछा लगाने की मनाही है। माना जाता है कि शाम का समय मां लक्ष्मी के आगमन का होता है। ऐसे समय में घर की सफाई करने या कूड़ा बाहर फेंकने से माता लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं। यदि बहुत जरूरी हो तो सफाई कर लें, लेकिन कूड़े को घर से बाहर अगली सुबह ही निकालें।

रसोई में जूठे बर्तन छोड़ना

रात के समय रसोई घर में जूठे बर्तन छोड़ना एक सामान्य लेकिन गंभीर वास्तु दोष है। रसोई को घर का मुख्य ऊर्जा केंद्र माना जाता है। रात भर सिंक में जूठे बर्तन रखने से नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे मां अन्नपूर्णा का अपमान होता है और घर के सदस्यों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है। आर्थिक उन्नति के लिए रात में ही रसोई साफ करके सोना चाहिए।

पानी की बर्बादी और टपकते नल

वास्तु शास्त्र में जल को धन का कारक माना गया है। जिन घरों में नल से पानी टपकता रहता है या अनावश्यक पानी की बर्बादी होती है, वहां पैसा कभी नहीं टिकता। टपकता हुआ नल धीरे-धीरे जमा पूंजी के खत्म होने का संकेत देता है। इसे तुरंत ठीक करवाना चाहिए, अन्यथा यह बड़े आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।

घर के मुख्य द्वार पर गंदगी

घर का मुख्य द्वार सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का रास्ता है। यदि मुख्य द्वार पर गंदगी, जूते-चप्पल का ढेर या अंधेरा रहता है, तो मां लक्ष्मी उस घर में प्रवेश नहीं करतीं। वास्तु के अनुसार, मुख्य द्वार को हमेशा साफ-सुथरा और प्रकाशवान रखना चाहिए। शाम के समय मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

इन वास्तु नियमों का पालन करके न केवल आर्थिक स्थिति को सुधारा जा सकता है, बल्कि घर में सकारात्मकता और शांति भी लाई जा सकती है।