उज्जैन महाकाल मंदिर में ऑनलाइन दर्शन बंद होने पर VHP-बजरंग दल का विरोध प्रदर्शन, हनुमान चालीसा का पाठ करके आंदोलन की चेतावनी दी

Ujjain News: महाकालेश्वर मंदिर में 25 दिसंबर से बंद हुए ऑनलाइन दर्शन और रात्रिकालीन आरती में प्रवेश के नियमों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने मंदिर प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
रविवार को सौ से अधिक कार्यकर्ताओं ने मंदिर के नीलकंठ द्वार पर धरना देकर और हनुमान चालीसा का पाठ कर अपना विरोध दर्ज कराया।

इन संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि भक्तों के लिए पहले जैसी सुविधाएं बहाल नहीं की गईं तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल को सौंपा।
क्यों हो रहा है यह विरोध?
बजरंग दल के सह-संयोजक विक्की राठौड़ के अनुसार, पहले महाकाल मंदिर के गर्भगृह से यूट्यूब पर 24 घंटे सीधा प्रसारण होता था, जिससे दुनिया भर के श्रद्धालु बाबा महाकाल की आरतियों का दर्शन कर पाते थे।
25 दिसंबर से इस प्रसारण को बंद कर दिया गया है। इसके अलावा, रात्रिकालीन शयन आरती के दौरान आम श्रद्धालुओं का प्रवेश भी रात 10 बजे की बजाय अब 9 बजे ही बंद कर दिया जाता है, जिससे स्थानीय और दूर-दराज के भक्तों में नाराजगी है। अवंतिका द्वार से स्थानीय लोगों का प्रवेश रोकने पर भी आक्रोश बढ़ा है।
मंदिर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का पक्ष
मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष ने बताया कि लाइव दर्शन की व्यवस्था तकनीकी कारणों से अस्थायी रूप से रोकी गई है। उन्होंने कहा कि नई कंपनी के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है और 1 जनवरी से मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से दर्शन, आरती और फोटो-वीडियो उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही, मंदिर परिसर में लगी LED स्क्रीन पर दर्शन की व्यवस्था जारी है।
वहीं, इस मामले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। महापौर मुकेश टटवाल ने कलेक्टर को पत्र लिखकर उज्जैन के निवासियों के लिए अवंतिका द्वार से प्रवेश की सुविधा फिर से शुरू करने की मांग की है। सांसद अनिल फिरोजिया ने भी गर्भगृह दर्शन के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय करने का सुझाव दिया है।