नई दिल्ली: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है, जो भगवान विष्णु को समर्पित होती है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को विजया एकादशी के नाम से जाना जाता है। पंचांग के अनुसार, साल 2026 में विजया एकादशी का व्रत 24 फरवरी, मंगलवार को रखा जाएगा।
मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और सभी कार्यों में सफलता मिलती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्री राम ने भी लंका पर विजय प्राप्त करने के लिए यह व्रत किया था।
विजया एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 24 फरवरी 2026 को सुबह 01 बजकर 14 मिनट पर शुरू होगी। यह तिथि अगले दिन, 25 फरवरी 2026 को देर रात 12 बजकर 31 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार, विजया एकादशी का व्रत 24 फरवरी को ही रखा जाएगा।
व्रत पारण का समय
एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में सूर्योदय के बाद किया जाता है। व्रत तोड़ने का शुभ समय 25 फरवरी, बुधवार को सुबह 06 बजकर 51 मिनट से सुबह 09 बजकर 09 मिनट तक रहेगा। इस बात का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि हरि वासर समाप्त होने के बाद ही पारण किया जाए, जो 25 फरवरी को सुबह 06 बजकर 06 मिनट पर समाप्त होगा।
विजया एकादशी की पूजा विधि
विजया एकादशी का व्रत करने के लिए कुछ विशेष नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण माना जाता है:
1. व्रत का संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें।
2. कलश स्थापना: पूजा स्थल पर एक वेदी बनाकर उस पर सप्तधान्य रखें। फिर उस पर जल से भरा एक कलश स्थापित करें और उसमें आम के पत्ते लगाएं।
3. भगवान विष्णु की पूजा: वेदी पर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। उन्हें पीले फूल, मौसमी फल, तुलसी दल और पंचामृत अर्पित करें।
4. दीप और मंत्र जाप: भगवान के समक्ष घी का दीपक जलाएं और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय‘ मंत्र का जाप करें। इसके साथ ही विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना भी बहुत फलदायी माना जाता है।
5. रात्रि जागरण: दिन भर फलाहार व्रत रखने के बाद रात में जागरण करें और भजन-कीर्तन करें।
6. व्रत का पारण: अगले दिन यानी द्वादशी तिथि पर ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दान-दक्षिणा देकर व्रत का पारण करें।
माना जाता है कि इस विधि से पूजा और व्रत करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उसे जीवन के हर क्षेत्र में विजय प्राप्त होती है।