वोडाफोन आइडिया का ‘कमबैक’: शेयरों पर बढ़ रहा निवेशकों का भरोसा

Vodafone Idea Share: भारतीय टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vi) एक बार फिर निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

लंबे समय से कर्ज के बोझ तले दबी इस कंपनी के शेयरों में पिछले छह महीनों के दौरान 76 प्रतिशत की जबरदस्त रिकवरी देखी गई है। यह उछाल केवल एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि प्रमोटर्स की बढ़ती हिस्सेदारी और सरकार से मिली बड़ी वित्तीय राहत का परिणाम है।

प्रमोटर का दांव: केएम बिड़ला ने बढ़ाई हिस्सेदारी

बाजार में सकारात्मक माहौल तब और गहरा गया जब आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने व्यक्तिगत रूप से कंपनी में अपना भरोसा जताया। रिपोर्ट के मुताबिक, बिड़ला ने 30 जनवरी से 1 फरवरी के बीच खुले बाजार से वोडाफोन आइडिया के करीब 4.09 करोड़ शेयर खरीदे।

  • 30 जनवरी: 10.95 रुपये की औसत कीमत पर 2.21 करोड़ शेयर।

  • 1 फरवरी: 11.13 रुपये की औसत कीमत पर 1.88 करोड़ शेयर। प्रोमोटर द्वारा इस तरह की खरीदारी बाजार के लिए एक मजबूत संकेत है कि कंपनी का प्रबंधन इसके ‘टर्नअराउंड प्लान’ को लेकर गंभीर है।

AGR बकाए पर सरकार की ‘संजीवनी’

कंपनी के लिए सबसे बड़ी राहत सरकारी मोर्चे से आई है। कैबिनेट ने वोडाफोन आइडिया के 87,695 करोड़ रुपये के विशाल AGR (Adjusted Gross Revenue) बकाए के भुगतान ढांचे को पुनर्गठित किया है। नई योजना के तहत:

  • मार्च 2026 से 2031 के बीच कंपनी को केवल 124 करोड़ रुपये सालाना की छोटी किस्त चुकानी होगी।

  • बड़ी किस्तों का भुगतान 2032 से 2041 के बीच होगा। इस कदम से कंपनी के पास तत्काल कैश फ्लो (नकद प्रवाह) की समस्या काफी हद तक सुलझ गई है, जिससे वह अपने नेटवर्क विस्तार और 5G रोलआउट पर ध्यान केंद्रित कर सकेगी।

वित्तीय प्रदर्शन में सुधार: घटता घाटा और बढ़ता ARPU

वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजे कंपनी के सुधरते स्वास्थ्य की गवाही दे रहे हैं।

  1. घाटे में कमी: दिसंबर तिमाही में घाटा पिछले साल के 6,609 करोड़ रुपये से घटकर 5,286 करोड़ रुपये रह गया है।

  2. ARPU में उछाल: औसत राजस्व प्रति ग्राहक (ARPU) 173 रुपये से बढ़कर 186 रुपये पर पहुंच गया है। यह दर्शाता है कि ग्राहक महंगे प्लान्स की ओर रुख कर रहे हैं और हाई-वैल्यू सब्सक्राइबर्स की संख्या बढ़ रही है।

मार्केट एक्सपर्ट्स की राय: सावधानी के साथ सकारात्मकता

शेयर वर्तमान में अपने 50 और 200 दिनों के मूविंग एवरेज (SMA) से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो तकनीकी रूप से मजबूती का संकेत है। हालाकि, 1.5 का बीटा यह भी बताता है कि स्टॉक में उतार-चढ़ाव (Volatility) अधिक रह सकता है।

ब्रोकरेज फर्म एमके रिसर्च ने स्टॉक को ‘सेल’ (बेचें) से अपग्रेड करके ‘ऐड’ (खरीदें) की रेटिंग दी है और 12 रुपये का लक्ष्य तय किया है। जानकारों का मानना है कि कंपनी अब अपने तीन साल के टर्नअराउंड प्लान के साथ सही दिशा में आगे बढ़ रही है।