मध्यप्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, इन 15 जिलों में होगी झमाझम बारिश, IMD ने जारी किया अलर्ट

मध्यप्रदेश के मध्य क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय हो गया है। इसके साथ ही मानसून की द्रोणिका दमोह से होकर गुजर रही है। इन दोनों मौसमी तंत्रों के असर से मध्यप्रदेश में एक बार फिर से बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है और कई जिलों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई है।

गुरुवार को सुबह साढ़े आठ बजे से लेकर शाम साढ़े पांच बजे तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में वर्षा हुई। इस दौरान रायसेन में सबसे ज्यादा 45 मिमी पानी बरसा। छिंदवाड़ा में 30 मिमी, भोपाल में 11 मिमी, मंडला में 7 मिमी, इंदौर में 5 मिमी, खजुराहो और उमरिया में 2-2 मिमी तथा दमोह में 1 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के वैज्ञानिक वी.एस. यादव ने जानकारी दी कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ के मध्य भाग में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। साथ ही मानसून द्रोणिका श्रीगंगानगर, शिवपुरी, दमोह, छत्तीसगढ़ होते हुए कलिंगपट्टनम तक और आगे बंगाल की खाड़ी तक फैली है। वहीं, पाकिस्तान के उत्तरी हिस्सों और पंजाब क्षेत्र पर पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती प्रणाली के रूप में सक्रिय है। इन सभी मौसम प्रणालियों का संयुक्त असर प्रदेश में झमाझम बारिश के रूप में दिखाई दे रहा है।

मौसम विभाग ने शुक्रवार को इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभागों के कई जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। वहीं प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम स्तर की बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, उज्जैन और मालवा-निमाड़ क्षेत्र में भी शुक्रवार और शनिवार को अच्छी बारिश के आसार बने हुए हैं।

मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला का कहना है कि प्रदेश में रुक-रुककर बारिश का क्रम अगले तीन दिन तक जारी रहेगा। वहीं पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक सिवनी में सबसे अधिक 75.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा रतलाम में 56 मिमी, छिंदवाड़ा में 28 मिमी, शिवपुरी में 26 मिमी, उज्जैन में 16.6 मिमी, श्योपुर में 12.4 मिमी और खंडवा में 11 मिमी वर्षा हुई। यह साफ संकेत है कि प्रदेश भर में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है और किसानों के साथ आमजन को इससे राहत मिलेगी।