जिले में किसानों से गेहूं खरीद के लिए 1 मार्च से 30 गेहूं क्रय केंद्र संचालित किए जाएंगे। इस बार सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 150 रुपये की वृद्धि करते हुए 2450 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। अब तक जिले में करीब 950 किसानों ने अपने गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण करा लिया है, लेकिन जिले को अभी तक शासन से गेहूं खरीद का कोई लक्ष्य नहीं मिला है। शासन स्तर से दिशा-निर्देश आने के बाद ही खरीद की सीमा तय होगी।
अब तक जिले भर के करीब 950 किसानों ने अपना गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण करा लिया है। विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करने के लिए बैठकें आयोजित कर रहे हैं और उन्हें पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी दे रहे हैं। किसानों को बताया जा रहा है कि गेहूं क्रय केंद्र पर बिक्री के 24 घंटे बाद ही भुगतान सीधे उनके खाते में कर दिया जाएगा। साथ ही, इस साल किसानों को पिछले साल की तुलना में 150 रुपये प्रति क्विंटल अधिक मिलने से उनकी आय में वृद्धि होगी।
जिले में किसानों से गेहूं खरीद के लिए एक मार्च से 30 गेहूं क्रय केंद्र शुरू किए जाएंगे। इस प्रक्रिया के तहत अब तक जिले के 950 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण करा लिया है। हालांकि, अभी तक शासन से विभाग को गेहूं खरीद का कोई निर्धारित लक्ष्य नहीं मिला है।
खाद्य मंत्री राजपूत ने मंत्रालय में रबी उपार्जन नीति की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए छाया की सुविधा के लिए शेड लगवाए जाएं और पीने के पानी, प्रतीक्षा कक्ष, दरियां, टेबल, कुर्सी तथा शौचालय आदि का पर्याप्त प्रबंध किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि समिति स्तर पर पर्याप्त बिजली की व्यवस्था, हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन, इलेक्ट्रॉनिक उपार्जन उपकरण उपलब्ध कराए जाएं और किसानों की जानकारी के लिए नोटिस बोर्ड पर उपार्जन संबंधी सूचना प्रदर्शित की जाए।