Sagar News: वैलेंटाइन डे को लेकर मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक बार फिर तनातनी का माहौल बन गया है। पाश्चात्य संस्कृति का विरोध करने वाली शिवसेना ने इस साल वैलेंटाइन डे मनाने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस बार शिवसैनिकों का विरोध केवल बयानों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने बाकायदा ‘दंड पूजन’ कर और शहर भर में विवादित पोस्टर चिपकाकर प्रेमी जोड़ों को सीधी चेतावनी दी है।
डंडों का हुआ ‘अभिषेक’, चमेली और सरसों का तेल पिलाया
हर साल की तरह इस बार भी सागर के पहलवान बब्बा मंदिर में शिवसैनिकों ने अनोखा शक्ति प्रदर्शन किया। पंडितों को बुलाकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ‘दंड पूजन’ संपन्न हुआ। शिवसैनिकों ने अपने लाठियों (डंडों) को चमेली और सरसों के तेल से मालिश की और कसम खाई कि सभ्यता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वे पीछे नहीं हटेंगे। संगठन का मानना है कि ये डंडे ‘अश्लीलता’ रोकने का माध्यम बनेंगे।

नया नारा: ‘जहां मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना’
इस साल विरोध का तरीका थोड़ा डिजिटल और विजुअल भी हो गया है। शहर की दीवारों पर पोस्टर चस्पा किए गए हैं, जिन पर स्लोगन लिखा है— “जहां मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना।” शिवसैनिकों ने स्पष्ट किया है कि पार्क, होटल, रेस्टोरेंट या धार्मिक स्थलों पर यदि कोई भी जोड़ा आपत्तिजनक स्थिति या अश्लीलता फैलाते हुए पाया गया, तो वे कानून का इंतजार नहीं करेंगे बल्कि मौके पर ही ‘इलाज’ करेंगे।
शिवसेना की चेतावनी: अश्लीलता मिली तो करा देंगे शादी
शिवसेना के उप राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने तीखे लहजे में कहा कि 14 फरवरी भारत की परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा:
“कुछ विकृत मानसिकता के लोग पाश्चात्य सभ्यता के नाम पर सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाते हैं। होटल और रेस्टोरेंट संचालक भी मुनाफे के लिए फूहड़ कार्यक्रम करते हैं। अगर कोई प्रेमी युगल अश्लीलता करते पकड़ा गया, तो शिवसैनिक वहीं उनकी शादी करवा देंगे और विरोध के नाम पर डंडों का उपयोग करने से भी परहेज नहीं करेंगे।”
पुलिस प्रशासन मुस्तैद, दी सख्त हिदायत
एक तरफ जहां शिवसैनिकों ने डंडे तैयार किए हैं, वहीं दूसरी तरफ सागर पुलिस भी अलर्ट मोड पर है। शिवसैनिकों की इस खुली चेतावनी के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सीएसपी ललित कश्यप ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
पुलिस ने कहा है कि विरोध करना किसी का लोकतांत्रिक अधिकार हो सकता है, लेकिन मारपीट या उपद्रव करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वैलेंटाइन डे के दिन शहर के प्रमुख पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर अतिरिक्त बल तैनात रहेगा।
निष्कर्ष: सागर में वैलेंटाइन डे प्रेम और विरोध के बीच एक संघर्ष का मैदान बनता नजर आ रहा है। एक तरफ युवाओं का उत्साह है, तो दूसरी तरफ परंपरा के नाम पर डंडों का पहरा। अब देखना यह होगा कि 14 फरवरी को ‘बाबू-सोना’ की सुरक्षा भारी पड़ती है या शिवसैनिकों का ‘तेल पिलाया हुआ डंडा’।