कौन सा ग्रह दिलाता है चुनाव में सफलता, शनि देव का रोल जान रह जाएंगे हैरान

राजनीति में अपनी किस्मत आजमाने का सपना कई लोग देखते हैं, लेकिन इस क्षेत्र में सफलता पाने के लिए केवल मेहनत और रणनीति ही पर्याप्त नहीं होती। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राजनीति और चुनावी सफलता में ग्रहों का भी विशेष प्रभाव होता है। खासकर, सूर्य, गुरु और शनि जैसे ग्रहों का राजनीति और सत्ता से सीधा संबंध माना जाता है। इन ग्रहों के शुभ प्रभाव से चुनावों में सफलता मिलती है और राजनीति में ऊंचा स्थान प्राप्त किया जा सकता है। वर्तमान में विधानसभा चुनाव 2024 का माहौल गर्म है, और लोगों के मन में यह सवाल है कि किस पार्टी को जीत मिलेगी। हाल ही में झारखंड और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव हुए हैं, और इन चुनावों के नतीजे 23 नवंबर 2024 को आने वाले हैं। हालांकि चुनावी नतीजे बाद में ही पता चलेंगे, लेकिन ज्योतिष शास्त्र में यह भी बताया गया है कि कौन से ग्रह चुनावी परिणामों को प्रभावित करते हैं।

सूर्य ग्रह (Sun) का प्रभाव

सूर्य ग्रह को ज्योतिष शास्त्र में सबसे महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है और इसे ग्रहों का राजा भी कहा जाता है। यह आत्मविश्वास, शक्ति, यश, प्रसिद्धि, सम्मान, और पिता का प्रतीक होता है। राजनीति, प्रशासन, और उच्च पद भी सूर्य के प्रभाव क्षेत्र में आते हैं। सूर्य का मजबूत होना व्यक्ति को राजनीति में सफलता दिलाने के लिए एक महत्वपूर्ण कारक माना जाता है।

यदि किसी व्यक्ति के कुंडली में सूर्य शुभ और मजबूत स्थिति में है, तो उसे राजनीतिक क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए कुछ विशेष उपाय करने चाहिए। सूर्य देव की पूजा और नियमित रूप से सूर्य को अर्घ्य देना जैसे उपाय राजनीति में सफलता की संभावना को बढ़ा सकते हैं। सूर्य के प्रभाव से व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान, यश और शक्ति प्राप्त होती है, जो चुनावी सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

गुरु ग्रह (Jupiter) का महत्व

गुरु ग्रह का संबंध ज्ञान, उच्च पद और प्रशासन से होता है। इसे राजनीति में सफलता के लिए विशेष महत्व दिया जाता है, क्योंकि यह व्यक्ति को समझ, परिपक्वता और नेतृत्व क्षमता प्रदान करता है। यदि किसी व्यक्ति के कुंडली में गुरु ग्रह शुभ स्थिति में होता है, तो उसकी राजनीतिक यात्रा में सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। गुरु का प्रभाव व्यक्ति को उच्च पद, सत्ता और सम्मान दिलाता है।

चुनावों में जीत और राजनीति में उच्च स्थान प्राप्त करने के लिए गुरु ग्रह को मजबूत करना महत्वपूर्ण होता है। यदि कुंडली में गुरु का सकारात्मक प्रभाव है, तो उस व्यक्ति को जनता में विश्वास और समर्थन मिलता है, जो चुनावी परिणामों में अहम भूमिका निभाता है।

शनि ग्रह (Shani) का प्रभाव

शनि ग्रह का राजनीति और चुनाव में विशेष स्थान है, क्योंकि शनि देव को न्यायप्रिय और कर्म के अनुसार फल देने वाला माना जाता है। शनि का प्रभाव खासकर चुनावी परिणामों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि किसी व्यक्ति के कुंडली में शनि शुभ और मजबूत स्थिति में होता है, तो उसे जनता का साथ मिलता है। शनि ग्रह से जुड़े व्यक्तियों को हमेशा अपने कार्यों में ईमानदारी और सत्यनिष्ठा बरतनी चाहिए, क्योंकि शनि कर्म के अनुसार फल देते हैं।

यदि किसी नेता ने अपने कार्यकाल में जनता के भले के लिए काम किया हो, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी हो, तो शनि की कृपा से उसे चुनावों में जीत मिलने की संभावना बढ़ जाती है। शनि अच्छे कार्यों के लिए अच्छा फल देते हैं और बुरे कार्यों के लिए बुरा फल। इसीलिए, जिन नेताओं की कुंडली में शनि मजबूत होता है और जिन्होंने अपने कार्यकाल में अच्छे कार्य किए होते हैं, उन्हें चुनावों में सफलता प्राप्त होती है।

ग्रहों का चुनाव परिणाम पर सीधा प्रभाव

सूर्य, गुरु और शनि ग्रह राजनीति और चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन ग्रहों का शुभ प्रभाव चुनावी सफलता, उच्च पद, और सम्मान प्राप्त करने के लिए आवश्यक होता है। ज्योतिष के अनुसार, यदि इन ग्रहों का प्रभाव व्यक्ति की कुंडली में सकारात्मक है और उन्होंने अपने राजनीतिक कार्यकाल में सही दिशा में काम किया है, तो उन्हें चुनावी जीत मिलने की संभावना प्रबल हो जाती है। इसलिए, राजनीति में सफलता पाने के लिए ग्रहों की स्थिति का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।