‘घर में अंग्रेजी क्यों? अपनी मातृभाषा में करें बात, गुवाहाटी में बोले मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने गुवाहाटी में एक बौद्धिक कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों से अपील की कि वे जाति, पंथ, क्षेत्र और भाषा से परे समाज में मित्रता और भाईचारे को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि घर में हम अपनी मातृभाषा बोलें और अपनी परंपराओं का पालन करें। भागवत ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर हिंदी से काम चलता है तो हिंदी का इस्तेमाल करें, लेकिन विदेशी भाषाओं का उपयोग तभी करें जब वह जरूरी हो। उन्होंने यह भी कहा कि हमें अपनी मातृभाषा का सम्मान करना चाहिए क्योंकि यही हमारी पहचान है।

समाज में भाईचारे को बढ़ावा दें

भागवत ने समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सद्भाव और सम्मान को बढ़ाने की बात की। उन्होंने सभी हिंदुओं से एकजुट होकर समान मंदिर, श्मशान और जल स्रोतों का उपयोग करने की अपील की। उनका मानना था कि जातीय और सांप्रदायिक सद्भाव ही समाज में स्थिरता और समृद्धि लाएगा।

भागवत ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्लास्टिक के कम उपयोग को समाज की जिम्मेदारी बताया। इसके अलावा, उन्होंने नागरिकों से पारंपरिक सामाजिक मानदंडों का पालन करने की अपील की, भले ही वे कानूनी रूप से अनिवार्य न हों।

गौरतलब है कि मोहन भागवत गुवाहाटी में छह दिवसीय दौरे पर हैं, जहां वह संघ के कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर संगठन को मजबूत बनाने के लिए विचार-विमर्श करेंगे। यह यात्रा संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में किए जा रहे दौरों का हिस्सा है।