प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 वैश्विक कंपनियों के सीईओ से बातचीत के दौरान भारत के ऊर्जा क्षेत्र में मौजूद निवेश संभावनाओं को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि अनुसंधान एवं उत्पादन में लगभग 100 अरब डॉलर, रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में 87 अरब डॉलर और प्राकृतिक गैस सेक्टर में करीब 72 अरब डॉलर के निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं।
27 दिग्गज कंपनियों के CEOs ने दिखाई दिलचस्पी
इस बैठक में TotalEnergies, BP, Vitol, HD Hyundai, Vedanta, Trafigura, Wood Mackenzie, Praj, ReNew, MOL सहित 27 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के प्रमुख शामिल हुए। सभी सीईओ ने भारत की तेज आर्थिक प्रगति पर भरोसा जताया और देश में अपने कारोबार के विस्तार को लेकर गहरी रुचि दिखाई।
भारत बना वैश्विक ऊर्जा का भरोसेमंद साझेदार
सीईओs ने कहा कि भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है और वैश्विक ऊर्जा मांग-आपूर्ति संतुलन में इसकी भूमिका निर्णायक होगी। भारत 40 देशों से ऊर्जा और 18 स्रोतों से एलएनजी आयात करता है, जबकि 150 से अधिक देशों को पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करता है, जिससे वह पूरी ऊर्जा मूल्य श्रृंखला में एक विश्वसनीय भागीदार बनकर उभरा है।
भारत-नीदरलैंड सत्र में स्वच्छ ऊर्जा पर फोकस
भारत-नीदरलैंड सत्र के दौरान सतत और स्वच्छ ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा हुई। इस बैठक में 50 से अधिक ऊर्जा विशेषज्ञों और 20 से ज्यादा डच कंपनियों ने हिस्सा लिया और हरित ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति बनी।
भारत-जापान गोलमेज सम्मेलन में ऊर्जा सहयोग
भारत-जापान गोलमेज सम्मेलन में दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर विचार किया गया। यह पहला टोक्यो गोलमेज सम्मेलन था, जिसमें 17 कंपनियों के 28 जापानी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा का केंद्र हाइड्रोकार्बन सहयोग, व्यापार और निवेश को मजबूत करना रहा।
इथेनॉल और जैव ईंधन बने प्राथमिक क्षेत्र
सम्मेलन में इथेनॉल और बायो-फ्यूल को प्राथमिक सहयोग क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया। भारत ने अतिरिक्त इथेनॉल उत्पादन क्षमता, UCO जैसे वैकल्पिक फीडस्टॉक और मिश्रण लक्ष्यों में हुई प्रगति को प्रमुख ताकत के रूप में प्रस्तुत किया।
28-29 जनवरी 2026 को हुए अहम समझौते
इन बैठकों के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौते किए गए—
- इंडियन ऑयल और ENGIE के बीच एलएनजी और गैस बाजार में रणनीतिक सहयोग के लिए एमओयू
- OIL, NRL और TotalEnergies के बीच दीर्घकालिक एलएनजी सोर्सिंग और रीगैसिफिकेशन सहयोग पर समझौता
- HPCL और Thermax के बीच स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के संयुक्त विकास पर करार
- BPCL, DHL और Delhivery के बीच डीजल वाहनों को एलएनजी में बदलने को लेकर समझौता
- BPCL और Praj द्वारा ओडिशा के बरगढ़ रिफाइनरी में बायो-आईबीए के वाणिज्यिक संयंत्र की घोषणा
भारत की ऊर्जा रणनीति को मिली वैश्विक मजबूती
इन बैठकों और समझौतों से स्पष्ट है कि भारत न केवल ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है, बल्कि वैश्विक निवेशकों के लिए भी एक मजबूत, स्थिर और भरोसेमंद ऊर्जा हब के रूप में उभर रहा है।